फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जो आंदोलन में नहीं गए, वो सोशल मीडिया पर किसानों के साथ, बराला की पोस्ट पर यूजर्स ने सुनाई खरी-खरी

विज्ञापन
विज्ञापन
तीन कृषि कानूनों के विरोध में जहां पंजाब व हरियाणा का किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहा है वहीं दूसरी तरफ जो सड़क पर नहीं उतर रहे वो सोशल मीडिया के जरिये किसानों का हौसला बढ़ाने में लगे हैं। जो किसानों के पक्ष में नहीं खड़ा हो रहा है, उसको सोशल मीडिया यूजर्स खूब खरी-खोटी सुना रहे हैं। फेसबुक पर एक पोस्ट डालने के बाद भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं मौजूदा हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला को भी यूजर्स ने खूब लपेटा। उनकी पोस्ट पर 99 फीसदी कमेंट्स में लोगों ने उनको किसानों का साथ देने के लिए आगे आने की नसीहत दी। कुछ लोगों ने तो बराला को खुद के विपक्ष में रहते समय किए प्रदर्शनों की भी याद दिला दी।
विज्ञापन

सुभाष बराला ने यह डाली थी पोस्ट : फतेहाबाद के टोहाना हलके से पूर्व विधायक रहे एवं मौजूदा चेयरमैन सुभाष बराला ने सुबह 11 बजे बाद फेसबुक पर पोस्ट डाली, जिसमें हरियाणा में किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे गुरनाम सिंह चढूनी का नाम लेकर उन्होंने लिखा कि गुरनाम सिंह चढूनी की पंजाब के किसानों से अपील..हरियाणा के किसान तोड़ेंगे बेरिकेड, पुलिस की लाठियां और डंडे पहले खाएंगे। चढूनी जी से मेरा सवाल कि अपने पंजाब के किसानों से यह तो पूछ लो कि क्या हरियाणा के किसान भाईयों को एसवाईएल पानी की एक भी बूंद देंगे। झूठ और भ्रम की राजनीति बंद करो।
पोस्ट पर चार घंटे में 458 कमेंट्स आए, 55 ने शेयर किया : सुभाष बराला की इस पोस्ट पर चार घंटे में 458 कमेंट्स आए। इनमें से 99 फीसदी यूजर्स ने बराला की पोस्ट पर उनके खिलाफ भड़ास ही निकाली। किसी ने उन्हें जमीन पर आकर कार्यकर्ताओं की भावनाओं के अनुसार काम करने की सलाह दी तो किसी ने ओपी धनखड़ के साथ अर्धनग्न होकर किए प्रदर्शन की याद दिलाई। कुछ ने तो यहां तक कह दिया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे रखा है तो केंद्र की भाजपा सरकार को एसवाईएल का हक हरियाणा को दिलाना चाहिए। हालांकि, किसी भी यूजर्स को रिप्लाई नहीं मिला।
विज्ञापन

स्टैंड विद फार्मर्स चैलेंज की मुहिम चली : वहीं, फेसबुक यूजर्स ने स्टैंड विद फार्मर्स चैलेंज की मुहिम भी शुरू कर दी है। अधिक से अधिक लोग इस मुहिम में शामिल होकर उसे शेयर करने में भी लगे हुए हैं। फेसबुक यूजर सतपाल सिंह ने लिखा कि 70 सालों में पहली बार हुआ है कि पुलिस सड़क जाम कर रही है और किसान अवरोधक हटा रहे हैं। वहीं, रामनिवास ने लिखा कि किसान अपनी खेती को बचाने की मांग कर रहे हैं, सरकार को उनकी मांग पूरी करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें