फतेहाबाद। कहते है पढ़ाई की असली अहमियत वो ही जानता है जिसने कड़ी मेहनत और कठिनाइयों को झेल कर मुकाम पाया होता है। महंगी कोचिंग न ले पाने के कारण युवाओं का सपना भी अधूरा रह जाता है। लेकिन एक शख्स ऐसा भी है जिसने पढ़ाई के लिए कठिनाइयों को झेला और फिर मुकाम हासिल किया। खुद की तरह कोई दूसरा युवा कठिनाई न झेले, इसी सोच के साथ गांव भिरड़ाना के रहने वाले सिरसा में पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर सुनील रायका 15 सालों से युवाओं को निशुल्क पढ़ा रहे हैं।
सुबह बैंक मैनेजर होते है ंऔर शाम को शिक्षक बन जाते हैं और दो से तीन घंटे तक युवाओं को घर की छत पर पढ़ाते हैं। ये ही नहीं रविवार को छुट्टी के दिन युवाओं की परीक्षा भी ले रहे हैं। नतीजा ये है कि 25 से ज्यादा युवा पुलिस, क्लर्क, जेबीटी, ग्रुप डी, केवीएस की नौकरी को हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा कई ऐसे युवा भी हैं जिन्होंने लिखित परीक्षाएं पास कर ली है और सिर्फ फाइनल परिणाम का इंतजार है। संवाद
खुद आर्थिक तंगी झेली तो युवाओं को पढ़ाना शुरू किया निशुल्क
गांव भिरड़ाना निवासी एवं सिरसा में पीएनबी में बैंक मैनेजर सुनील रायका बताते हैं कि वर्ष 2000 में पिता की मौत हो गई थी, इसके बाद जिम्मेदारी का बोझ मां पर आ गया। मां बहनों को लेकर गांव भिरड़ाना में आ गई, यहां पर मां ने आर्थिक तंगी के बीच पढ़ाया। खुद रेगुलर की जगह घर पर ही पढ़ाई की और 2005 में गांव के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। ओबीसी बैंक में 2009 में सफीदों में क्लर्क के पद पर ज्वाइनिंग हुई। इसके बाद 2014 में मोहाली में ऑफिसर के पद तैनात हो गए। इसके बाद 2017 में पदोन्न होकर मैनेजर बन गए और नकोदर में तैनात हुए। इसके बाद जुलाई 2018 में भूना में बैंक मैनेजर के पद पर तैनात हुए और अब फिलहाल सिरसा में पीएनबी में बैंक मैनेजर के पद पर तैनात हैं।
नौकरी लग चुके युवा भी निभा रहे फर्ज, दे रहे निशुल्क कोचिंग
बैंक मैनेजर सुनील रायका बताते हैं कि पहले गांव में ही दुकान किराए पर लेकर उसमें कोचिंग दे रहे थे, इसके बाद अब उन्होंने अपने घर पर ही युवाओं को पढ़ाना शुरू कर दिया है। सुबह साढ़े 6 बजे से साढ़े 8 बजे और इसके बाद शाम को साढ़े 6 बजे से साढ़े 7 बजे तक कक्षा चलती हैं। युवाओं को पढ़ाने में अमित बिश्रोई, संजय कालवान, संदीप रायका, प्रीति रायका, मन्नत रायका और सुभाष मदद करते हैं। अमित बिश्रोई और संजय कालवान यहां कोचिंग लेकर नौकरी ले चुके हैं और अब वह भी साथ में युवाओं को तैयारी करवा रहे हैं। इसके अलावा छुट्टी के दिन वह 7 से 8 घंटे तक पढ़ाते हैं और इस दौरान तैयारी कर रहे युवाओं के टेस्ट लिए जाते हैं।
35 युवा कक्षा में आ रहे 242 युवा ऑनलाइन पढ़ रहे
बैंक मैनेजर सुनील रायका युवाओं को ऑनलाइन भी पढ़ा रहे हैं। मिशन एजुकेशन के नाम से ग्रुप बनाया गया है। इसमें हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली तक के युवा जुड़े है। इनकी संख्या करीब 242 है, इसके अलावा 35 ऐसे युवा है जो रोजाना कक्षा में आकर निशुल्क कोचिंग ले रहे हैं।
कोट
जब मैं खुद पढ़ रहा था तो काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जिसमें आर्थिक तंगी भी शामिल रहा। इन कारणों से कई युवा पढ़ भी नहीं पाते और उनका सपना अधूरा रह जाता है। कई युवा ऐसे होते है जिनके पास किताबें खरीदने के लिए रुपये नहीं होते और वह तैयारी नहीं कर पाते है। इन सब चीजों को करीब से देखा भी है, जब मैं कामयाब हुआ और मुकाम हासिल किया तो प्रण लिया कि युवाओं को निशुल्क कोचिंग देंगे। पिछले 15 सालो से कोचिंग दी जा रही है और कई युवा कामयाब भी हो चुके है।
- सुनील रायका, बैंक मैनेजर, पीएनबी सिरसा