फतेहाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में पिछले 13 दिनों से उपचार बंद है। कारण है करीब 17 करोड़ 35 लाख रुपये का लंबित क्लेम बिल। इससे योजना के पात्र मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है और शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
राज्य स्तर पर क्लेम बिलों के निपटारे के प्रयासों में अब जिला स्तर की मदद ली जाएगी। इसके तहत मुख्यालय ने जिले से पांच डॉक्टरों की सूची मांगी है, जो क्लेम बिलों को निपटारे में सहायता करेंगे।
पैनल अस्पताल की शिकायत पहुंची एक पैनल अस्पताल के खिलाफ पात्र मरीज का इलाज न करने की लिखित शिकायत जिला अधिकारियों तक पहुंची है, जिसे मुख्यालय भेजा गया है। इसके अलावा कई मरीज मौखिक रूप से भी अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रख रहे हैं। ऑर्थो केस सबसे अधिक प्रभावित 20 पैनल अस्पतालों में उपचार बंद होने का सबसे अधिक असर ऑर्थोपेडिक (हड्डी) ऑपरेशनों पर पड़ा है। नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ मौजूद हैं, लेकिन जरूरी मशीनों की कमी से मरीज इलाज से वंचित हैं।
ऑर्थो केस सबसे अधिक प्रभावित
20 पैनल अस्पतालों में उपचार बंद होने का सबसे अधिक असर ऑर्थोपेडिक (हड्डी) ऑपरेशनों पर पड़ा है। नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ मौजूद हैं, लेकिन जरूरी मशीनों की कमी से मरीज इलाज से वंचित हैं।
जिले में योजना की स्थिति
आयुष्मान कार्ड : 5.77 लाख
पैनल अस्पतालों की संख्या : 20
अब तक लाभान्वित मरीज : 78,631
कुल बकाया राशि : 17.35 करोड़ रुपये
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जिले में 20 अस्पताल आयुष्मान पैनल में शामिल हैं। मुख्यालय स्तर पर जो भी समस्या है, उसे निपटाने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है अस्पतालों का बकाया क्लेम राशि जल्द जारी हो जाएगी। - डॉ. लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद