गांव सोत्तर भट्टू निवासी व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुए चिटफंड मामले में मुख्य आरोपी की पत्नी को वकील के पास से गिरफ्तार करने के प्रयास पर वीरवार दोपहर बाद विवाद हो गया। वकीलों ने हंगामा कर दिया और महिला को गिरफ्तार नहीं करने दिया। वकीलों ने कहा कि उनके पास से किसी आरोपी को गिरफ्तार करना गलत है। मामला बढ़ता देख गिरफ्तार करने आई महिला पुलिस लौट गई।
मामले के मुताबिक एसआईटी ने चिटफंड मामले में आरोपी सिरसा की वेल्थवे मार्केटिंग कंपनी के प्रबंधन निदेशक मानसा (पंजाब) निवासी सुखचैन कुमार को गिरफ्तार किया था। आरोपी को पुलिस ने चार दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान आरोपी से पुलिस ने 40 हजार की नकदी बरामद की है। रिमांड अवधि वीरवार को खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस दौरान मुख्य आरोपी सुखचैन की पत्नी कोर्ट में वकील के पास आई हुई थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान महिला पुलिस टीम आई और कहा कि अधिकारियों का आदेश है कि महिला को गिरफ्तार करना है। इसको लेकर वकील भड़क गए और कहा कि इस तरह वकील के पास से काबू नहीं किया जा सकता। देखते ही देखते वकील इकट्ठे हो गए और मामला बढ़ता देख पुलिस लौट गई। इसके बाद वकीलों ने महिला को एक होटल में पहुंचा दिया।
छह गुना राशि का देता था झांसा
सदर थाने में पिछले साल 3 नवंबर 2020 को सोत्तर भट्टू निवासी सुभाष की शिकायत पर आरोपी सुखचैन के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और चिटफंड एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। सुभाष ने आरोप लगाया था कि जून 2018 में आरोपी उनके गांव में आया था। आरोपी ने कहा कि वह वेल्थवे मार्केटिंग कंपनी का डायरेक्टर है। कंपनी में रुपये निवेश करने पर छह गुना राशि वापस मिलेगी। उसने आरोपी की बातों में आकर खुद, दोस्तों व रिश्तेदारों के करीब 14 लाख रुपये लगवा दिए। कंपनी ने करीब सात से आठ लाख रुपये लौटा दिए, लेकिन अक्तूबर 2018 में रुपये वापस आने बंद हो गए। इसके बाद जब कंपनी में जाकर संपर्क किया तो आरोपी जल्द रुपये लौटाने का आश्वासन देते रहे। इसके बाद कई बार संपर्क किया लेकिन रुपये नहीं लौटाए।
पुलिस का ये रवैया गलत था। वकीलों के पास रोजाना सैकड़ों आरोपी आते हैं। इस तरह से वकीलों के सामने गिरफ्तार करना गलत है। किसी भी आरोपी को कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए वकील से मिलने का अधिकार है। - सुभाष जांगू, वकील।
पुलिस जांच में आरोपी महिला का नाम सामने आया है। उसे गिरफ्तार करने के लिए महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई थी। कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया जाना था, लेकिन आरोपी महिला चालाकी से निकल गई। - विनोद कुमार, जांच अधिकारी।