पिछले 19 दिनों से नशे के खिलाफ अनशन पर बैठे प्रवीन काशी को मंगलवार रात करीब एक बजे शहर पुलिस ने जबरदस्ती धरने से उठाकर नागरिक अस्पताल में दाखिल करवा दिया। काशी का आरोप है कि शहर थानाध्यक्ष सुरेंद्र कंबोज ने नियमों को ताक पर रखकर उनका और उनके साथियों का मोबाइल भी कब्जे में ले लिया। वहीं सुबह 9 बजे तक उपचार शुरू न होने पर प्रवीण काशी बिना किसी को बताए पपीहा पार्क में वापस अनशन स्थल पर आकर बैठ गए। इस बीच अस्पताल में उनसे मिलने पहुंचे डीसी धीरेंद्र खड़गटा को जब बेड पर प्रवीण काशी नहीं मिले तो उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों को लताड़ लगाई कि उनकी लापरवाही के चलते एक अनशनकारी अस्पताल से गायब हो गया और किसी को खबर तक नहीं हुई।
शहीद सुखदेव के नाती भी एसएचओ को सस्पेंड करने की मांग के साथ अनशन पर बैठे
नशे के खिलाफ अनशन कर रहे प्रवीण काशी को रात करीब एक बजे धरने से जबरन उठाने की सूचना मिलते ही शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर भी पपीहा पार्क में अनशन स्थल पर पहुंचे और सांझा कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में पुलिस के रवैये पर ऐतराज जताया और एसएचओ सुरेंद्र कंबोज के निलंबन की मांग की। इस दौरान शहीद सुखदेव के नाती विशाल नैयर ने ऐलान किया कि जब तक एसएचओ सुरेंद्र कंबोज को निलंबित नहीं किया जाता तब तक वो भी प्रवीण काशी के साथ अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने ये भी मांग रखी कि आखिर किस अधिकारी के निर्देश पर एसएचओ ने नियमों के खिलाफ जाकर अनशनकारी प्रवीन काशी को आधी रात को जबरन उठाया।
मंगलवार रात को ही तीन नशा मुक्ति केंद्रों पर बनी थी सहमति, बुधवार सुबह खोलना था अनशन
प्रवीण काशी के अनशन का संचालन कर रहे सांझा कमेटी के सदस्य एवं जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने बताया कि विशाल नैयर की सीएम हाएस में दीपक मंगला से बात हुई थी और तीन नशा मुक्ति केंद्रों पर सरकार ने सहमति दे दी थी। इसकी सूचना बाकायदा ड्यूटी पर तैनात खुफिया विभाग के कर्मचारियों को भी दी गई लेकिन इसके बावजूद ना जाने क्यों आधी रात को एसएचओ कंबोज अपनी टीम के साथ आए और काशी को उठाकर जबरन अस्पताल ले गए। इस दौरान उनके साथ साथियों के मोबाइल भी उनसे ले लिए गए। उनके एक साथी ने अस्पताल में ही एक अन्य मरीज का मोबाइल लेकर बाकी साथियों को इस घटनाक्रम की सूचना दी।
सुबह तहसीलदार विजय मेहता पहुंचे, पांच नशा मुक्ति केंद्रों का दिया प्रस्ताव
रात के पुलिसिया ड्रामा और सुबह प्रवीण काशी द्वारा बिना किसी को बताए वापिस अनशन स्थल पर आने के बाद प्रशासन ने नई रणनीति के तहत तहसीलदार विजय मेहता को अनशनकारी प्रवीण काशी और उनके साथियों से बात करने भेजा। पहली बार पहुंचे तहसीलदार ने शांति से प्रवीण काशी और विशाल नैयर से बातचीत की और दोबारा डीसी से भी बात की। इसके बाद दोबारा अनशन स्थल पर पहुंचे तहसीलदार विजय मेहता ने काशी को बताया कि प्रशासन भट्टू, टोहाना, जाखल, रतिया और फतेहाबाद में नशा मुक्ति केंद्र शुरू करने को तैयार है और इसकी कमेटी में उनके दो सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा लेकिन उनके इस आश्वासन पर भी धरना खत्म नहीं हुआ।
एसएचओ बोले- मंगलवार तफ्तीश पर गया था, रात लेट आया, आते ही कार्रवाई की
शहर थानाध्यक्ष सुरेंद्र कंबोज पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने आधी रात को काशी को जबरन उठाकर अस्पताल पहुंचाया। सुरेंद्र कंबोज का इस बारे में कहना है कि वो मंगलवार को किसी मामले की जांच के लिए बाहर थे और देर रात लौटे थे। इस बीच उनके कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग का पत्र आया हुआ था कि काशी की तबियत खराब है तो उनकी जान बचाने के लिए ही उन्हें अनशन पर से ले जाकर अस्पताल में दाखिल करवाया गया।