प्रधान सुनीता ने बताया कि सभी आशा वर्कर्स के रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष की जाए। रिटायरमेंट संबंधित सारे लाभ दिए जाएं। सभी तरह के ऑनलाइन कार्यों पर रोक लगाई जाए। गंभीर रूप से बीमार और दुर्घटना में घायल आशा वर्कर को सरकार के पैनल वाले अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जाए।
फतेहाबाद में आशा वर्कर्स की ओर से तीन दिवसीय राज्य स्तरीय हड़ताल शुरू कर दी गई है। फतेहाबाद जिले की आशा वर्कर्स भी लघु सचिवालय के बाहर पार्क में एकत्रित हुई और सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। आशा वर्कर की हड़ताल के चलते टीकाकरण संबंधी कार्य प्रभावित हुआ। इसके अलावा डेंगू और मलेरिया को लेकर चल रहे सर्वे में भी आशा वर्कर्स ने भाग नहीं लिया।
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आशा वर्कर यूनियन की प्रधान सुनीता भोजराज ने कहा कि प्रदेश भर की आशा वर्कर्स लंबे समय से मांगों को सरकार के समक्ष रख रही हैं। मगर अभी तक सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। सरकार आशा वर्कर की मांगों की अनदेखी कर रही है। इस कारण आशा वर्कर्स में प्रदेश के भाजपा जजपा गठबंधन सरकार के प्रति भारी नाराजगी है। अपनी मांगों को मनवाने के लिए अब तीन दिवसीय हड़ताल करनी पड़ रही है।
यह है प्रमुख मांगे
प्रधान सुनीता ने बताया कि सभी आशा वर्कर्स के रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष की जाए। रिटायरमेंट संबंधित सारे लाभ दिए जाएं। सभी तरह के ऑनलाइन कार्यों पर रोक लगाई जाए। गंभीर रूप से बीमार और दुर्घटना में घायल आशा वर्कर को सरकार के पैनल वाले अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जाए। इन मांगों को लेकर वह संघर्ष कर रही हैं। जिला प्रधान ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मानेंगे तब तक वह चेन से नहीं बैठेंगी। अपना हक सरकार से लेकर रहेंगी। इस मौके पर जिले के सातों ब्लाक की आशा वर्कर्स मौजूद रही।