रतिया रोड पर स्थित गांव अयाल्की का वह स्थान जहां पर पशु मेला लगता था। संवाद
फतेहाबाद। जिले के गांव अयाल्की में लगने वाला पशु मेला दो साल से बंद है। जिला प्रशासन ने लंपी बीमारी के फैलने के कारण अप्रैल 2023 में मेला बंद करवा दिया था। इसके बाद गर्मी और बाढ़ का हवाला देते हुए मेला शुरू नहीं किया गया।
पशु व्यापारियों ने मेले की बहाली के लिए अधिकारियों से कई बार मुलाकात की और एक माह तक लघु सचिवालय के बाहर धरना भी दिया। इस दौरान, पूर्व कैबिनेट मंत्री देवेंद्र बबली ने व्यापारियों की मांग का समर्थन करते हुए धरना खत्म करवाया और अधिकारियों को मेला जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद बीडीपीओ कार्यालय ने मेला शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मेला शुरू नहीं हो सका। अयाल्की के पशु मेले में हरियाणा, पंजाब और यूपी से व्यापारी आते थे, लेकिन अब व्यापारियों को पशु खरीदने और बेचने के लिए अन्य इलाकों में जाना पड़ता है।
पशु मेले से हजारों लोगों को मिलता है रोजगार
पशु व्यापारी संघ के प्रधान मोहरी राम का कहना है कि इस मेले से हजारों लोगों का रोजगार चलता है। यहां हर सप्ताह पशुओं को लोड करने के लिए 300 से 400 छोटी गाड़ियां, 50 के करीब कैंटर व ट्रक आते हैं। वाहन चालकों के लिए यह रोजी रोटी का बड़ा साधन है। इसके अलावा यहां पर चाय वाले, टैंट वाले, आए हुए व्यापारियों व किसानों को पानी पिलाने वाले कुर्सी व चारपाई किराये पर देने वाले पहुंचते हैं और सप्ताह भर की कमाई करके जाते हैं। मेला बंद होने के कारण पशु व्यापारियों से लेकर सभी के रोजगार पर असर पड़ा है।
पशु मेले को बंद हुए करीब दो साल का समय हाे चुका है। फतेहाबाद के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि फिलहाल वह छुट्टी पर हैं, कार्यालय आने के बाद ही इस बारे में कोई जानकारी दे सकते हैं।