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Fatehabad News: मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में की तोड़फोड़, लापरवाही के लगाए आरोप

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हॉस्पिटल में की गई तोड़फोड़ का दृश्य
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रतिया। गांव बोड़ा के मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने फतेहाबाद रोड स्थित निजी अस्पताल में तोड़फोड़ करते हुए हंगामा कर दिया। बढ़ते हंगामे को देखकर अस्पताल के कर्मचारियों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर भीड़ को शांत करवाया। इसके बाद परिजन शव को गांव बोड़ा ले गए। पुलिस के अनुसार इस मामले में उनके पास किसी भी पक्ष ने कोई शिकायत नहीं दी है।जानकारी के अनुसार गांव बोड़ा निवासी 56 वर्षीय सतपाल की बुधवार को गांव में उल्टी दस्त लगने से तबीयत खराब हो गई। सतपाल के परिजनों ने उसे रतिया के फतेहाबाद रोड स्थित निजी अस्पताल में बुधवार शाम को भर्ती करवाया। डॉक्टर ने रात को ड्रिप भी लगाई। सतपाल के परिजनों मदन लाल, बाबूलाल व अन्य ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टर बीएएमएस आकाश और अस्पताल प्रबंधक प्रवीण ने उन्हें रात को आश्वासन दिया कि मरीज की हालत में सुधार है तथा सुबह तक मरीज पूरी तरह सही हो जाएगा।
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आरोप है कि अस्पताल संचालक उन्हें रात भर गुमराह करते रहे तथा वीरवार सुबह परिजनों से कह दिया कि मरीज की हालत नाजुक हो गई है, इसलिए वह सतपाल को किसी अन्य अस्पताल में ले जाएं। परिजनों का आरोप है कि वह अभी सतपाल को अस्पताल से थोड़ी दूर फतेहाबाद रोड की तरफ लेकर गए थे कि उन्हें सतपाल के दम तोड़ जाने का अहसास हुआ। इसके बाद परिजन सतपाल के शव को लेकर निजी अस्पताल के बाहर आ गए और गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी और डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि उनके मरीज की अस्पताल में रात को ही मौत हो गई थी लेकिन अस्पताल संचालक उन्हें गुमराह करते हुए सुबह मरीज की हालत बिगड़ने की बात कह दी। इसके बाद पुलिस ने आकर मामला शांत करवाया।
कोट
मरीज की तबीयत के बारे में परिजनों को पूर्व में ही सूचना दे दी गई थी। सुबह परिजनों के सामने ही ऑक्सीजन लगाकर मरीज को रेफर किया गया था। यहां से जाने के बाद मरीज की मौत हो गई, जिसमें उनके अस्पताल के डॉक्टर की किसी प्रकार की लापरवाही नहीं है। मरीज के परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की है, जिसकी सूचना पुलिस की डायल 112 पर दी थी।
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प्रवीण, अस्पताल प्रबंधक
कोट
पुलिस के पास डायल 112 पर सूचना आई थी। इसके बाद डायल 112 की पीसीआर टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाया। अभी हमारे पास किसी भी पक्ष की शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने के बाद ही मामले में कोई कार्रवाई की जाएगी।
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जयसिंह, शहर थाना प्रभारी
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