दिन-प्रतिदिन चिकित्सकों की कमी होती जा रही है। अस्पताल के एमओ के 11 पद में सभी के सभी रिक्त पडे़ हैं। भाजपा की सरकार बने एक साल से ज्यादा हो गए लेकिन नए चिकित्सकों की अस्पताल में नियुक्ति नहीं हो पाई है।
आपातकालीन विभाग का कक्ष खाली ही रहता है। महिला डॉक्टर न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है। अस्पताल के एसएमओ को आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी देनी पड़ती है।
समस्याओं के अंबार, नहीं हो रहा सुधार
सरकारी अस्पताल में किसी समय लगभग 1000 की ओपीडी होती थी जो अब घटकर 500 से भी कम रह गई है। पिछले लगातार कई महीनों से चिकित्सकों की कमी बनी हुई है जिसमें हड्डी रोग विशेषज्ञ, चमड़ी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेष, नेत्र रोग विशेषज्ञ की कमी, सहित 11 डाक्टरों की कमी है।
नहीं सुनी तो कोर्ट जाएंगे याचिका
एडवोकेट राज वर्मा ने नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के बारे में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अवगत करवाया है।
एडवोकेट ने बताया कि उक्त नागरिक अस्पताल पर क्षेत्र के करीब 40 गांवों के लोग निर्भर हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने उक्त पत्र का कोई संज्ञान नहीं लिया तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर निवेदन करेंगे।
गर्भवती महिलाओं को यहां लाना खतरे से खाली नहीं
अस्पताल में एक भी महिला चिकित्सक न होने के कारण यहां आने वाली गर्भवती महिला मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इमरजेंसी गर्भवती महिला मरीज यहां आती है तो 65 किलोमीटर दूर स्थित अग्रोहा मेडिकल कालेज या फिर फतेहाबाद भेज दिया जाता है।
दावे तो बड़े बड़े करते हैं मंत्री विज, सब खोखले
इलाज के लिए मरीज के साथ आए बलजीत ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री दावे तो बडे़ बडे़ करते हैं लेकिन सब खोखले हैं। अस्पताल में पिछले कई महीनों से डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। जिस कारण उन्हें समस्याओं से दो चार होना पड़ता है।
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के संगठन सचिव जगदीश पाहवा व पूर्व नप उपाध्यक्ष रामकुमार सैनी ने बताया कि सरकार ने अस्पताल को चमकाने में रुपया बर्बाद कर दिया लेकिन डॉक्टर न होने के कारण अस्पताल खाली पड़ा है।
एसएमओ डॉ सतीश गर्ग ने बताया कि एसएमओ होने के बावजूद वे आपातकालीन कक्ष में भी ड्यूटी करते हैं। पिछले लगभग तीन वर्षों से लगातार डाक्टरों की कमी बनी हुई है।
अस्पताल में 11 चिकित्सकों के पद खाली हैं। वे उच्च अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं। मगर समस्या का कोई हल नहीं हुआ है।
क्या कहते हैं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को लेकर प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने बताया कि मुख्यमंत्री से बात हो चुकी है। समस्या काफी समय पहले दूर हो जानी थी लेकिन किसी कारण से कुछ विलंब हुआ है। जल्द ही नियुक्ति के आदेश हो जाएंगे।