फतेहाबाद। बेटियों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। अब बेटियों को भी बेटों के बराबर सम्मान और अधिकार मिल रहे हैं। जिले का वर्ष 2025 का लिंगानुपात 961 दर्ज किया गया है, जो प्रदेश में दूसरा स्थान है। इसी कड़ी में जिला स्वास्थ्य विभाग ने लिंगानुपात के आधार पर वर्ष 2025 के लिए गांव अकांवाली को बेस्ट विलेज घोषित किया है।
गांव अकांवाली का वर्ष 2025 का लिंगानुपात 1548 रहा है, यानी यहां एक हजार लड़कों के मुकाबले 1548 लड़कियों का जन्म हुआ है। वर्ष 2025 में गांव में 31 लड़के और 48 लड़कियों ने जन्म लिया है। गांव की कुल आबादी 5453 है। यह गांव कुलां पीएचसी और जाखल सीएचसी के अधीन आता है। बेस्ट विलेज घोषित होने पर गांव की कक्षा दसवीं की टॉपर तीन लड़कियों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुल डेढ़ लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। लड़कियों का चयन मेरिट के आधार पर गठित कमेटी द्वारा किया जाएगा। संवाद
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वर्ष 2015 के बाद बढ़ा लिंगानुपात
वर्ष 2015 में जिले का लिंगानुपात 894 रहा लेकिन अब बढ़कर 961 तक पहुंच गया है। यानि एक हजार लड़कों के पीछे 961 लड़कियां जन्म ले रही है जबकि 10 साल पहले ये हालात थे कि एक हजार लड़कों के पीछे 894 लड़कियां जन्म ले रही थी। वर्ष 2025 की बात करें तो 7927 लड़कों ने जन्म लिया तो 7617 लड़कियां जन्मी है।
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पिछले सालों का ये रहा है जिले का लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2015 894
2016 923
2017 912
2018 893
2019 924
2020 937
2021 898
2022 950
2023 934
2024 926
2025 961
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बेस्ट विलेज के लिए पांच हजार से ज्यादा आबादी जरूरी
स्वास्थ्य विभाग बेस्ट विलेज के लिए उस गांव का चयन करता है जिसकी आबादी पांच हजार से ज्यादा है और जहां पर पिछले साल सबसे ज्यादा लड़कियों ने जन्म लिया है। गांव अकांवाली की आबादी 5453 है।
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गांव में लड़कियों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया जाता है। ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं और बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं है, इसको समझ रहे है। गांव की कई लड़कियां आज अच्छे पैकेज पर बड़े शहरों में नौकरी भी कर रही है। ये गर्व की बात है कि विभाग ने गांव को बेस्ट विलेज चुना है। - जसपाल सिंह, सरपंच, गांव अकांवाली
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लिंगानुपात में गांव अकांवाली को बेस्ट विलेज चुना गया है। गांव की तीन लड़कियों को नियम अनुसार डेढ़ लाख की राशि दी जाएगी। लड़कियों के चयन को लेकर कमेटी का गठन किया गया है। - डॉ.निरपाल, उप सिविल सर्जन।