फतेहाबाद। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (एआईएलयू) हरियाणा के सातवें राज्य सम्मेलन में रणधीर सिंह को प्रदेश अध्यक्ष और राजविंदर सिंह चंदी को महासचिव चुना गया। सम्मेलन में अधिवक्ताओं के हितों और न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़े कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
सम्मेलन में महिला अधिवक्ताओं को प्रत्येक मातृत्व अवसर पर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, युवा वकीलों के लिए सामाजिक सुरक्षा, हरियाणा में अलग उच्च न्यायालय और अलग बार काउंसिल बनाने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने तथा दलित अधिवक्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई गई।
एआईएलयू के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अनिल चौहान ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भीक, पारदर्शी और जवाबदेह न्यायपालिका लोकतंत्र की आधारशिला है। न्यायपालिका की प्रतिबद्धता सरकार या राजनीतिक सत्ता के बजाय संविधान, कानून के शासन और नागरिकों के मौलिक अधिकारों के प्रति होनी चाहिए।
उन्होंने मताधिकार की रक्षा की जरूरत बताई और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की। नवनिर्वाचित महासचिव राजविंदर सिंह चंदी और कार्यकारी अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने आर्थिक असमानता, बेरोजगारी तथा संवैधानिक संस्थाओं के अत्यधिक केंद्रीकरण पर चिंता जताई।
प्रदेश अध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों की स्वतंत्रता, समानता, अभिव्यक्ति और सामाजिक न्याय सुनिश्चित होना चाहिए। कुलदीप सिंह ने अधिवक्ताओं से किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सम्मेलन में फतेहाबाद बार एसोसिएशन के प्रधान सुभाष जांगू, रतिया बार एसोसिएशन के प्रधान वेद कंबोज, उपप्रधान प्रेम परमजीत, संजय गुर्जर, जलेश ठक्कर, सत्यवान, मुकेश मान, कमलेश वशिष्ठ और स्वागत समिति के चेयरमैन खजान सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।