घटना की सूचना मिलने के बाद विभाग ने बीघड़ हैड से नहर में पानी बंद करवाकर जेसीबी की सहायता से नहर को पाटने का कार्य शुरू करवा दिया। जानकारी के मुताबिक बीघड़ हेड से निकलकर राजस्थान से सटे गांव खेड़ी तक जाने वाली इस खेड़ी डिस्ट्रीब्यूट्री पर लगभग तीन दर्जन गांवों के किसान निर्भर रहते हैं। बृहस्पतिवार को इस नहर में गांव सिरढ़ान व किरढ़ान के बीच बुर्जी नंबर 14 के राइट पर दरार आ गई। पानी का दबाव अधिक होने के कारण कुछ देर में ही दरार फैल कर करीब 15 फुट तक चौड़ी हो गई।
खेतों में काम करने वाले किसानों ने नहर की पटरी टूटी देख घटना के बारे में विभाग को अवगत करवाया। किसान राकेश, साहबराम, विनोद, घड़सीराम, अमरसिंह व रायसिंह ने बताया कि करीब अढ़ाई बजे नहर की तलहटी से पानी का तेज भाव शुरू हो गया। जिस पर इसकी सूचना नहरी विभाग को दी गई, लेकिन तब तक यह पानी करीब 25 एकड़ भूमि में खड़ी फसलों को तहस नहस करते हुए फैल गया।
पास ही किरढ़ान निवासी रायसिंह व अमरसिंह की ढाणी भी पानी से घिर गई वहीं घड़सीराम के समर्सिबल ट्यूबवेल के कुंए में पानी भर गया। किसानों ने अपने खेतोें में पशु चारे के लिए तूड़ी के ढेर लगाए हुए थे, वे भी पानी से खराब हो गए। किसानों ने बताया कि उनके खेतों में नरमें व कपास के छोटे- छोटे पौधे थे। नहर टूटने से इनमें से अधिकतर पौधे मिट्टी में दब गए है।
नहर टूटने की सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार छेलूराम, नहर विभाग के एसडीओ रणजीत सिंह, जेई हवासिंह, अरविन्द व ईश्वर मौके पर पहुंचे और नहर को बीघड़ हेड से बंद करवाकर नहर में आई दरार को पाटने का कार्य शुरू कर दिया। एसडीओ रणजीत सिंह ने कहा कि नहर की पटरी की पाटने का काम शुरू करवा दिया गया है। पटरी पाटने का काम पूरा होते ही इसमें पानी छोड़ दिया जाएगा।