फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो साल बाद विद्यार्थियों को स्कूलों में मिलेगा दोपहर का गर्म खाना

विज्ञापन
फतेहाबाद का मॉडल संस्कृति स्कूल। - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील दो साल बाद एक बार फिर से शुरू होने जा रहा है। कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को अब स्कूलों में दोपहर का गरमागरम भोजन मिलेगा। विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग द्वारा तय किए गए मेन्यू के हिसाब से दोपहर का भोजन दिया जाएगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग निदेशालय ने आदेश जारी कर दिए हैं। कोरोना महामारी की 2020 में शुरुआत के दौरान मिड-डे-मील बंद कर दिया गया था और विद्यार्थियों को सूखा राशन और कॉस्ट दी जा रही थी।
विज्ञापन

बता दें कि निदेशालय ने वीरवार से स्कूलों में विद्यार्थियों को गरम भोजन देने के निर्देश हैं। हालांकि अधिकतर स्कूलों में फिलहाल सूखा राशन नहीं है, मार्च तक का राशन विद्यार्थियों को बांटा जा चुका है। स्कूलों में राशन (चावल और गेहूं) आने के बाद ही तैयार करके खिलाया जा सकेगा। स्कूलों में मिड-डे-मील तैयार करके देने से जिले के करीब 83 हजार विद्यार्थियों को फायदा होगा। हालांकि जिले के अधिकतर स्कूलों में गेहूं और चावल स्टॉक में ही नहीं है। बता दें कि स्कूलों में विद्यार्थियों को मिड-डे-मील तैयार करके देने के लिए शिक्षा विभाग निदेशालय कुकिंग खर्चा प्रति विद्यार्थी देता है। प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थी को 4 रुपये 97 पैसे और मिडिल कक्षा के विद्यार्थी के लिए 7 रुपये 45 पैसे के लिए कुकिंग खर्च जारी होता है। कोरोना महामारी के चलते बंद किए गए मिड-डे-मील के चलते विद्यार्थियों के खाते ये राशि जारी की जा रही थी। लेकिन अब ये राशि दोपहर का भोजन तैयार करने में खर्च होगी। संवाद
मिड-डे-मील लेने वाले विद्यार्थियों की स्थिति
कक्षा विद्यार्थी
पहली 9332
दूसरी 10638
तीसरी 10505
चौथी 10786
पांचवीं 11323
छठी 10853
सातवीं 10105
आठवीं 10235
तीन दिन मिलेगा फ्लेवर दूध
शिक्षा विभाग कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को पहले की तरह फ्लेवर दूध भी देगा। सप्ताह में तीन दिन विद्यार्थियों को 20 ग्राम के हिसाब से फ्लेवर दूध दिया जाएगा। तैयार करके मिड मील देने के बंद के दौरान विद्यार्थियों को सूखा फ्लेवर दूध दिया गया था।
विज्ञापन

कोट
शिक्षा विभाग ने मिड डे मील देने के आदेश जारी कर दिए हैं लेकिन अधिकतर स्कूलों में अनाज और चावल नहीं है। इसके अलाव न ही कुकिंग खर्च बैंक खाते में है। विद्यार्थियों को दिए जाने वाला फ्लेवर दूध भी नहीं है। शिक्षा विभाग जल्द से जल्द व्यवस्था करवाएं ताकि विद्यार्थियों को मिड-डे-मील दिया जा सके।
विज्ञापन

-देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
कोट
स्कूलों में मिड-डे-मील तैयार करके विद्यार्थियों को दिया जाएगा। मिड-डे-मील को लेकर जो भी कमियां है उन्हें दूर कर दिया जाएगा।
-दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें