फतेहाबाद। हैलो! वन स्टॉप सेंटर। ऐसी ही एक कॉल केंद्र में आई तो संचालिका रेनू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां जाकर पता चला कि पति-पत्नी विवाद है। पति के नशा करने पर उनमें कलह होती थी। इस कारण घर में आर्थिक स्थिति भी डांवाडोल हो गई थी। कई बार स्थिति काफी तनाव वाली हो जाती। इस पर टीम ने दोनों पक्षों को समझाया और विवाद को शांत करवाया।
इसी तरह के एक केस में नशे की हालत में पति ने पत्नी को इतनी बुरी तरह से पीट दिया कि उसे अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा। इसके बाद टीम ने कानूनी कार्रवाई से लेकर अन्य प्रक्रियाओं को पूरा किया और पति को समझाया। तब के बाद से पति भी सुधर गया और कमाने भी लगा। अब वह महिला केंद्र के बारे में अन्य महिलाओं को भी जागरूक कर रही हैं। उनकी इस पहल से कई अन्य महिलाओं का जीवन भी सुधरा है।
जगजीवनपुरा में स्थित वन स्टॉप सेंटर में केंद्र संचालिका रेनू के अलावा लीगल काउंसलर, साइको काउंसलर के अलावा कुल 9 लोगों का स्टाफ है। वो यहां पर महिलाओं की काउंसिलिंग से लेकर उनके विवाद को हर तरह से सुलझाने में मदद करते हैं। विवाद सुलझने के बाद टीम की ओर से फीडबैक भी लिया जाता है कि उनका जीवन कैसा चल रहा है। इसके अलावा वन स्टॉप सेंटर की टीम लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर शिविर भी लगाती है। उन शिविर में लोगों को कानूनी पहलुओं से अवगत करवाते हुए जरूरतमंद को सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
नशा, मोबाइल फोन और आर्थिक स्थिति बन रहा विवाद की वजह
केंद्र संचालिका ने बताया कि नशा और मोबाइल फोन घरों के टूटने से लेकर दंपती में विवाद तक को बढ़ावा दे रहे हैं। जिले में सबसे ज्यादा घरेलू हिंसा के मामले रतिया और टोहाना क्षेत्र के हैं। यहां के ज्यादातर केसों में नशा सबसे बड़ी वजह मिला। पति नशा करता है। घर खर्च मांगने पर बुरी तरीके से मारपीट करता है। कई बार बात इतनी तक बिगड़ जाती है कि घर टूटने तक की नौबत आ जाती है।
कैसे लें वन स्टॉप सेंटर से मदद
रेनू के अनुसार मार्च 2019 में केंद्र के शुरू होने के बाद से यहां पर 1735 केस आ चुके हैं। यहां से मदद लेने के लिए कोई भी जरूरतमंद महिला 181 पर कॉल करके सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई गई से सेवा का लाभ उठा सकती हैं। विवाद नहीं सुलझने की स्थिति में अगर महिला के पास कोई जगह नहीं हो तो उसे 5 दिन तक रहने खाने की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। इसके बाद उसे अपना घर या फिर हिसार स्थित मोक्ष आश्रम में भेज दिया जाता है।
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हर तरह की मदद कराई जाती है मुहैया
जिला कार्यक्रम अधिकारी कविता की देखरेख में चलाए जा रहे वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न या किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराता है। यहां पीड़ित महिलाओं को मुफ्त कानूनी सहायता, काउंसिलिंग, चिकित्सा सहायता और अस्थायी आश्रय दिया जाता है। आपात स्थिति में महिलाओं के लिए 24×7 हेल्पलाइन और पुलिस सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।