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Fatehabad News: ओवरलोड वाहनों के मसले पर प्रशासन मौन

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फतेहाबाद। जिले में इन दिनों वाहन चालक ओवरलोड पराली की गांठे लेकर एक शहर से दूसरे शहर जा रहे हैं। इस ओवरलोड वाहनों की वजह से कई हादसे सड़क पर हो रहे हैं लेकिन प्रशासन अभी तक मौन है। इन हुई घटनाओं के बाद भी प्रशासन चेत नहीं रहा है। ये ओवरलोड वाहन सरेआम नियमों को ताक पर रख कर चल रहे हैं।
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इन दिनों पराली के स्टाॅक का उठान का काम चल रहा है। बेलर संचालक इकट्ठा पराली को दूसरे शहरों में बेच रहे हैं। ज्यादातर पराली की गांठे रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ की तरफ जा रही हैं। वाहन चालक बेलर संचालक के लालच के चक्कर में वाहन ओवरलोड व ओवर साइज लेकर चल रहे हैं। वहीं पराली की गांठाें को बिना ढके ही वाहन चालक अपने वाहन पर ले जा रहे हैं। जिले में कई बार ऐसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं कि पराली की गांठों को लेकर जा रहे ट्रक या अन्य वाहन में आग लग गई। आग लगने पर पराली के साथ-साथ वह वाहन भी आग की चपेट में आ गए हैं। बीते नवंबर माह में ही गांव भिरड़ाना में ऐसी घटना हुई थी। जिसमें पराली की गांठों के साथ-साथ वाहन भी जल गया था। जिले में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन संज्ञान नहीं ले रहा है।

-केस नंबर एक

जिले के गांव बहबलपुर के पास एक खेत में पराली भर रहे ट्रक में भी अचानक आग लग गई थी, जिसमें ट्रक चालक बाल-बाल बच गया था। लेकिन उसका पूरा ट्रक जल गया था। ट्रक जलने से चालक को करीब 30 से 35 लाख रुपये का नुकसान हुआ था।
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केस नंबर दो

बीते नवंबर माह में जिले के गांव भिरड़ाना में खेत से पराली लेकर दूसरे स्थान पर जा रहे ट्रैक्टर-ट्राली में आग लग गई थी। जब ट्रैक्टर-ट्राली में आग लगी तब वह बाजार के बीच में से होकर जा रहा था। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए आग की परवाह किए बिना ट्रैक्टर को बाजार से तेजी से निकाला और खाली जगह पर ले गया। इसके बाद उसे ट्रैक्टर को ट्राली से अलग करने का समय नहीं मिला। इस कारण पराली की गांठों के साथ-साथ ट्रैक्टर में भी आग लग गई थी। इससे करीब 7 लाख रुपये का नुकसान हुआ था।

प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई

- फतेहाबाद में ये वाहन काफी संख्या में चल रहे हैं जो फतेहाबाद से गुजरकर राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 9 व रतिया चुंगी पर खड़े रहते हैं। लेकिन प्रशासन इन वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। ये वाहन खुलेआम सड़कों पर चल रहे हैं। इन वाहनों के कारण सड़क दुर्घटना होने का भी डर रहता है। हालांकि प्रशासन दावा करता है कि वे रोजाना टीमें भेजकर वाहनों पर कार्रवाई कर रहे हैं।

पराली को ढककर ले जाने पर कम हो सकती हैं घटनाएं

- पराली की गांठों को अगर किसी तिरपाल या अन्य किसी चीज से ढका जाए तो पराली की गांठों में आग लगने का खतरा कम हो सकता है। आमतौर पर देखा जाता है कि तूड़ी लेकर जा रहे वाहनों को हमेशा ढका हुआ होता है। इस कारण आग लगने का खतरा कम होता है।



हमारी टीमें के द्वारा जिले में विभिन्न जगहों पर नाके लगाकर चेकिंग कर वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर टीमों की सक्रियता बढ़ाई जाएगी और ओवरलोड चल रहे वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
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- संजय बिश्नोई, सचिव, आरटीए
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