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Fatehabad News: एडीसी छुट्टी पर गए, रतिया चेयरपर्सन की बच गई कुर्सी

Thu, 09 Jul 2026 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के डीसी कार्यालय के सभागार में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान को लेकर रखी गई पेटिका संवा
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फतेहाबाद/रतिया। रतिया नगरपालिका चेयरपर्सन प्रीति खन्ना के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वीरवार को प्रस्तावित बैठक प्रशासनिक कारणों से स्थगित कर दी गई। एडीसी के अवकाश पर होने के कारण मतदान प्रक्रिया नहीं हो सकी। इससे फिलहाल चेयरपर्सन की कुर्सी पर बना राजनीतिक संकट टल गया।
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बैठक के लिए मतदान संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। मतदान पेटिका भी रखी गई थी और कर्मचारी निर्धारित समय पर मौजूद रहे, लेकिन एडीसी बैठक में नहीं पहुंचे। कोई पार्षद भी उपस्थित नहीं हुआ। दोपहर एक बजे प्रशासनिक कारण बताते हुए बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। हालांकि बैठक रद्द होने की चर्चाएं पहले से ही चल रही थीं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चेयरपर्सन पक्ष अपने पास पर्याप्त समर्थन होने का दावा कर रहा था। इससे पहले 14 पार्षदों ने उपायुक्त से मिलकर चेयरपर्सन प्रीति खन्ना की कार्यशैली पर असंतोष जताते हुए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा था। सूत्रों के अनुसार बाद में चेयरपर्सन समर्थक कुछ पार्षदों का समर्थन हासिल करने में सफल रहे और उनके पक्ष में आठ पार्षद होने की चर्चा भी रही। यह भी बताया जा रहा है कि कुछ पार्षद बैठक से पहले पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा पर गए हुए थे और बुधवार तक चर्चा थी कि वे सीधा बैठक में ही पहुंचेंगे।
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सीएम तक पहुंचा मामला
सूत्रों के अनुसार चेयरपर्सन प्रीति खन्ना को हटाने का मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दरबार में पहुंचा। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उनको जीवनदान मिल गया। चेयरपर्सन को दूसरे पक्ष के साथ मिलकर गलतफहमी दूर कर रतिया का विकास करने के निर्देश दिए हैं। मामले का पटाक्षेप करने के लिए कुछ नेताओं की ड्यूटी भी लगाई गई है जो दोनों पक्षों से वार्ताकार कर आपसी सहमति से नगर पालिका के बिगड़े हालातों को पटरी पर लेकर आएंगे।
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14 पार्षदों ने उपायुक्त को सौंपा था प्रस्ताव
पिछले महीने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वार्ड-1 की सुमन, 3 के अजमेर सिंह, 5 की हरजन कौर, 6 के हैप्पी सिंह, 9 के धीरज कुमार, 10 के अजय गुप्ता, 12 के सतपाल सिंह लाडवाल, 13 की नीरू बाला, 14 के गुरप्रीत, 15 के सुरविंद्र सिंह, 16 के गौरव शर्मा तथा 17 के जोगिंद्र कुमार समेत कुल 14 पार्षदों ने उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। सप्ताह भर तक उपायुक्त द्वारा तिथि निश्चित न करने के चलते 9 जून को पार्षद मुख्यमंत्री सैनी से भी चंडीगढ़ में मिले थे। जहां उन्होंने चेयरपर्सन के चलते विकास कार्य में बाधा होने की बात दोहराई थी। मुख्यमंत्री से मिलकर आने के बाद 12 जून को फिर कुछ पार्षदों फिर से उपायुक्त से मिले। पार्षदों ने मांग की और जल्द से जल्द अविश्वास प्रस्ताव की तारीख निर्धारित की जाए। जिसके बाद उपायुक्त ने एडीसी को जल्द तारीख निर्धारित करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद चुनाव अधिकारी एडीसी अनुराग ढालिया ने अविश्वास प्रस्ताव पर 9 जुलाई को बैठक बुलाई थी लेकिन वीरवार को एडीसी छुट्टी पर चले गए।
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पिछले दिनों एक पार्षद को किया था निलंबित
निकाय विभाग के निदेशक द्वारा पिछले दिनों वार्ड 11 के पार्षद विजय गर्ग द्वारा एनडीसी के नाम पर रिश्वत लेने की शिकायत के आधार पर उसे निलंबित किया गया था। जिसके बाद अब नगर पालिका में पार्षदों की संख्या 16 ही रह गई थी।
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पिछले वर्ष भी किया था अविश्वास प्रस्ताव पेश
पिछले वर्ष 4 मार्च को 14 पार्षदों ने चेयरपर्सन और उपप्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए जिला उपायुक्त से मुलाकात की थी। लेकिन तब अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया था।
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