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प्रवीन काशी के आमरण अनशन को एडीसी ने बताया ड्रामा

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लघु सचिवालय में एडीसी के सामने अपनी बात रखते प्रवीन काशी। - फोटो : Fatehabad
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सिरसा और फतेहाबाद को विशेष जोन में शामिल करने और जिला में चिट्टा व अन्य नशों को समाप्त करने के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रवीन काशी के नेतृत्व में सोमवार को जिलाभर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहर भर में गुहार रैली निकाली। यह रैली लघु सचिवालय में जाकर संपन्न हुई। लघु सचिवालय में एडीसी महाबीर प्रसाद से प्रवीन काशी ने सांझा मोर्चा द्वारा तैयार 9 बिंदुओं का सरकार को भेजे गए प्रस्ताव के बारे में पूछा तो एडीसी इस मामले में अनभिज्ञ नजर आए। इस पर प्रवीन काशी ने उनके अधिकारी होने और अधिकारों पर सवाल उठाए। काशी द्वारा एडीसी को यह कहना कि वह यहां किस हैसियत से ज्ञापन लेने आए हैं, जब पता ही नहीं है तो आने का औचित्य ही नहीं बचा। इस दौरान अपनी बात पहुंचाने के लिए जब प्रवीन काशी एडीसी के सामने दंडवत हुए तो एडीसी ने इसे ड्रामा कह दिया। जिसको लेकर प्रवीन काशी और आंदोलनरत लोगों की एडीसी से नोक- झोंक भी हुई। काशी ने यह भी घोषणा की है कि अगर उनके आग्रह को शीघ्र ही नहीं माना गया तो वह जल भी त्याग देंगे। इस दौरान बीच बचाव कर एडीसी ने उनकी बात मानी और सरकार तक उनकी बात पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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नशे के खिलाफ पांच जुलाई से शुरू किया था अनशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला को नशे से मुक्त करने के लिए व सिरसा व फतेहाबाद को विशेष जोन में लाने की मांग को लेकर संत गोपालदास के अनुयाई प्रवीन काशी ने फतेहाबाद के उधम सिंह पार्क में 5 जुलाई से अपना अनशन शुरू किया था। बीच में स्वतंत्रता दिवस को लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार को कुछ समय दिया। 9 अगस्त के मुख्यमंत्री के फतेहाबाद आगमन पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनको आश्वस्त किया था कि उनके आग्रह व साझा प्रयासों के तहत 9 केंद्र बिंदु वाला एक प्रस्ताव उपायुक्त तैयार करके सरकार को भेजेंगे। जिसके बाद इस मसौदे को अंतिम रूप देकर यहां पुनर्वास केंद्र की स्थापना की जाएगी, ताकि जिला के नशे से प्रभावित युवा व उनके परिजन को उनसे राहत मिले। लेकिन अब जब आचार संहिता लगने को है और पुनर्वास केंद्र की कहीं बात नजर नहीं आ रही थी तो इससे आहत प्रवीन काशी ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह सरकार को जगाने के लिए गुहार रैली निकालेेंगे।
सामाजिक संगठनों के साथ गुहार रैली निकालकर पहुंचे लघु सचिवालय
सोमवार को प्रवीन काशी के नेतृत्व में जिलाभर के सामाजिक संगठन, आम जनता व युवाओं के साथ प्रवीन काशी शहर से गुहार रैली निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। डीसी सोमवार को मौजूद नहीं थे। इस दौरान प्रवीन काशी ने लघु सचिवालय के गेट पर कुछ देर के लिए बैनर आदि बिछाकर धरना भी दिया। इस अवसर पर प्रवीन काशी ने कहा कि वह पिछले 2 महा से साझा मोर्चा के साथ जिले को चिट्टा मुक्त करने के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं। पहले उन्होंने 21 दिन अनशन किया तो उनको आश्वासन मिला था कि सिरसा व फतेहाबाद को विशेष जोन बनाया जाएगा, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया तो उनको दोबारा अनशन पर बैठना पड़ा।
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उन्होंने कहा कि फतेहाबाद के जिस युवा को देश की जीडीपी में भागीदारी करनी थी, वह आज चिट्टा और केमिकल नशे की चपेट में आ गया है। उनकी माताएं आज खून के आंसू रो रही हैं। अब जब प्रदेश में चुनाव नजदीक हैं और आचार संहिता लगने वाली है तो सरकार को चाहिए कि वह उनकी मांगों को मानकर नशे से डूब रही हमारे बच्चों की जिंदगी बचाए। हमारी बात सीएम तक पहुंचाई जाए और इस दिशा में कड़े कदम उठाए जाएं। अगर यह कदम अब नहीं उठाया गया तो आने वाले 2-4 महीनों में हमारा युवा नशे के जाल में पूरी तरह से फंसकर रह जाएगा और अपनी जिंदगी बर्बाद कर लेगा। उन्होंने कहा कि अगर कल तक उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह अपने सत्याग्रह पर जल का त्याग कर देंगे।
सिरसा और फतेहाबाद को विशेष जोन करने के नौ बिंदुओं वाले प्रस्ताव की एडीसी को नहीं थी जानकारी
इसके बाद जब एडीसी उनसे ज्ञापन लेने आए तो प्रवीन काशी ने उनसे कहा कि उन्होंने सिरसा और फतेहाबाद को विशेष जोन में शामिल करने के लिए 9 बिंदुओं का एक प्रस्ताव डीसी को दिया था। उस पर कहां तक कार्रवाई हुई है। एडीसी ने इस मसले पर अनभिज्ञता जाहिर की तो प्रवीन काशी ने कहा कि आपको जब इस बात का पता नहीं तो आपको ज्ञापन लेने का औचित्य नहीं।
प्रवीन काशी ने एडीसी को कहा कि आप हमारी मांग को सरकार तक पहुंचाएं इसके लिए वह दंडवत होकर आपसे निवेदन करते हैं तो एडीसी ने कहा कि यह ड्रामा मत कीजिए। इस बात को लेकर प्रवीन काशी ने कहा कि आपके लिए यह ड्रामा हो सकता है, लेकिन सैंकड़ों युवा जो नशे के जाल में फंस गए हैं, उनके परिवारवालों के लिए यह ड्रामा नहीं हो सकता। इस दौरान एडीसी व काशी तथा उनके समर्थकों में जमकर नोकझोक भी हुई। एडीसी ने बचाव करते हुए प्रवीन काशी की मांग सरकार तक आचार संहिता से पहले पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद काशी अपने धरना स्थल पर वापस आ गए। सोमवार को जट्ट समाज सभा, रतिया हरियाणा के अध्यक्ष जरनैल सिंह अपने संगठन के साथ प्रवीन काशी को समर्थन दिया। इस अवसर पर पूनम रत्ति, अनिता क्रांति, अंगद ढिंगसरा, शम्मी रतित, इंद्रा ढिंगसरा, सरपंच बलम सिंह तामसपूरा, हंसराज मैम्बर, सरोज सुथार, प्रेमलता, विक्रमजीत सिंह, राजेश, राजकुमार बिमला सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

शहर में सत्याग्रह करते प्रवीन काशी।- फोटो : Fatehabad

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