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आयुष्यमान योजना : रतिया, भट्टू और भूना के हजारों लोगों के लिए एक अस्पताल भी मुहैया नहीं करवा सका विभाग

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फतेहाबाद का नागरिक अस्पताल । - फोटो : Fatehabad
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आयुष्यमान योजना निस्संदेह गरीब परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण बनकर आई है, लेकिन अफसरी लापरवाही और जागरूकता की कमी के चलते अभी भी फतेहाबाद जिले का अधिकांश हिस्सा इस योजना से महरूम है। दरअसल लाख कोशिशों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग केवल सात निजी अस्पतालों को ही इस योजना से जोड़ सका है। इनमें से भी तीन अस्पताल तो इसी माह इस योजना से जुड़े हैं। लेकिन वास्तविक समस्या ये है कि जो सात अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हुए हैं, वो फतेहाबाद और टोहाना में ही स्थित हैं। जिले के बाकी कस्बों में एक भी निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से नहीं जुड़ सका है।
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रतिया, भट्टू, भूना और जाखल का एक भी निजी अस्पताल योजना में शामिल नहीं
फतेहाबाद जिले में महज फतेहाबाद और टोहाना के ही सात निजी अस्पताल इस योजना में शामिल हैं। इसमें फतेहाबाद शहर के चार अस्पताल और टोहाना शहर के तीन अस्पताल शामिल हैं। इनके अलावा रतिया, भूना, जाखल और भट्टू कस्बे में एक भी निजी अस्पताल आयुष्मान योजना में शुमार नहीं है। रतिया तो अपने आप में विधानसभा क्षेत्र भी है। इसके अलावा जाखल और भूना में नगर पालिका हैं, लेकिन एक भी निजी अस्पताल इस योजना में नहीं जुड़ सका है।
ढाई लाख लोग लाभार्थियों की सूची में शामिल, गोल्डन कार्ड महज 51 हजार के पास
आयुष्मान योजना के अंतर्गत फतेहाबाद जिले से ढाई लाख लोग शामिल हैं। लेकिन उपचार के लिए आवश्यक गोल्डन कार्ड महज 51 हजार लोगों को ही उपलब्ध करवाए जा सके हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को तो आयुष्मान योजना के लिए गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए सक्षम युवाओं से जागरूकता अभियान चलाया गया है, लेकिन ज्यादा से ज्यादा निजी अस्पतालों को इस योजना से जुड़ने के लिए कोई जागरूक करने का कोई प्रोग्राम ही नहीं चलाया गया है।
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ये अस्पताल हैं योजना शामिल, होगा मुफ्त उपचार
1. जयपुर बच्चों का अस्पताल, फतेहाबाद
2. बतरा ईएनटी अस्पताल, फतेहाबाद
3. पूनम आंखों का अस्पताल (आईक्यू), फतेहाबाद
4. बंसल अस्पताल, फतेहाबाद
5. राजन आई केयर टोहाना
6. पारूल ईएनटी अस्पताल, टोहाना
7. आरएमसी, टोहाना ।
रतिया में दर्जनों निजी अस्पताल हैं। एक-दो मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल भी हैं, लेकिन आयुष्मान योजना में शुमार न होने के चलते इन अस्पतालों में निशुल्क उपचार नहीं हो पा रहा है। सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।
-जनक, चिलाना निवासी, रतिया ।
भूना की आबादी लगभग एक लाख के आसपास है। इसमें से तकरीबन 20 हजार से अधिक लोगों के नाम आयुष्मान योजना में शामिल हैं। लेकिन कोई अस्पताल न होने से मजबूरन 30 किलोमीटर दूर फतेहाबाद या अग्रोहा जाना पड़ता है। सरकार इस बारे में सोचे और हर शहर में निजी अस्पतालों का इस योजना से जुड़ना अनिवार्य करे। -सुरेश सरदाना निवासी, भूना ।
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