प्रॉपर्टी आईडी को लेकर चल रहे गड़बड़झाला पर एक्शन लेते हुए जिला नगर आयुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने जिला फतेहाबाद में नगर परिषद व पालिकाओं की चेकर-मेकर के द्वारा जो प्रॉपर्टी आईडी जेनरेट की जाती थीं, उन पर पूर्णतया रोक लगा दी गई है। अब नए सिरे से आईडी चेकर व मेकर द्वारा जेनरेट की जाएंगी और दोबारा जेनरेट करने से पहले जिला नगर आयुक्त कार्यालय से लिखित में अनुमति ली जानी अनिवार्य होगी। यानी नप व नपा में डीएमसी चेकर-मेकर की पावर नए सिरे जारी करेंगे। अहम बात यह है कि स्थायी अधिकारियों को ही ये काम सौंपा जाएगा।
जिला नगर आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेशों के बिना कोई भी आईडी जारी नहीं की जाएगी व इससे संबंधित सभी कार्य नियमित रूप से कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को सौंपा जाएगा। इस संबंध में नगर निकाय को जिला नगर आयुक्त से लिखित में अनुमति लेनी होगी और उसके उपरांत उसे पोर्टल पर डाला जाएगा। डीएमसी ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुराने चेकर-मेकर की आईडी को तुरंत प्रभाव से निरस्त करते हुए नए सिरे से जिला नगर आयुक्त कार्यालय की देखरेख में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
टोहाना में सबसे ज्यादा गड़बड़झाला
प्रॉपर्टी आईडी को लेकर सबसे ज्यादा गड़बड़झाला टोहाना में सामने आ चुका है। यहां पर फर्जी अस्थायी प्रॉपर्टी आईडी जारी हुई है। इसको लेकर जांच चल रही है। बताया जा रहा है जिले में अवैध कॉलोनियों को वैध बताकर प्रॉपर्टी आईडी जारी की जा रही थी। प्रॉपर्टी आईडी को लेकर कई त्रुटियां भी सामने आ चुकी हैं।
कॉलोनियों की तीन विभागों को देनी होगी रिपोर्ट
जिला नगर आयुक्त ने नप व नपा अधिकारी, तहसीलदार, डीटीपी विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। इसको लेकर प्रफोर्मा भी तैयार किया गया है। तहसीलदार को बताना होगा कि कितनी रजिस्ट्री हुई है। नप व नपा अधिकारियों को बताना होगा कि कितनी प्रॉपर्टी आईडी जारी की गई। इसके अलावा जिला नगर योजनाकार अधिकारियों को ये रिपोर्ट देनी होगी कि कौन सी कॉलोनी वैध या अवैध है। यानी की मिलान किया जाएगा कि जिन प्रॉपर्टी आईडी पर रजिस्ट्री हुई है, वह सही है या नहीं है।
वर्जन
प्रॉपर्टी आईडी के कार्य में सुधार किया जाएगा। नगर परिषद व पालिकाओं की चेकर-मेकर द्वारा जो प्रॉपर्टी आईडी जेनरेट की जाती थीं, उन पर पूर्णतया रोक लगा दी गई है। संबंधित शहरी स्थानीय निकाय व डीटीपी सहित संबंधित विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
- डॉ. मुनीष नागपाल, जिला नगर आयुक्त