सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां करते वेटरनरी सर्जन। स्रोत : सोशल मीडिया
फतेहाबाद। गांव नागपुर में तैनात एक सरकारी वेटरनरी सर्जन डॉ. जगत पाल ने सिस्टम से तंग आकर सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए अपने साथ हुए कथित अन्याय की पीड़ा सार्वजनिक की है। बुधवार को फेसबुक पर डाले गए 28 मिनट 33 सेकंड के वीडियो में उन्होंने पुलिस, तहसील कार्यालय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं।
डॉ. जगत पाल ने वीडियो में बताया कि गांव ढींगसरा में उनके नाम पर परिवार की साढ़े 9 एकड़ जमीन है। इसे कथित रूप से प्रॉपर्टी डीलरों ने धोखे से रजिस्ट्री करवा कर कब्जा लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन की रजिस्ट्री में छोटे भाई को गवाह बनाकर दर्शाया गया, जबकि उसे पहले ही संपत्ति से बेदखल किया जा चुका था। इस प्रक्रिया में दो लोगों द्वारा मिलीभगत से यह रजिस्ट्री 28 मार्च को करवाई गई।
सर्जन ने बताया कि उन्हें जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल रजिस्ट्री पर ऑब्जेक्शन दाखिल किया और अब एसडीएम कोर्ट में मामला लंबित है। कोर्ट से स्टे लेने के बावजूद, कथित कब्जाधारी जमीन पर दावा कर रहे हैं और फसल भी नष्ट कर दी गई। डॉ. जगत पाल का आरोप है कि 24 सितंबर को कपास की फसल नष्ट की गई, जिसकी शिकायत उन्होंने भट्टू कलां थाना व एसपी कार्यालय में दी। बाद में 6 अक्टूबर को केस भी दर्ज हुआ, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भट्टू कलां थाना प्रभारी और जांच अधिकारी राधेश्याम ने कहा कि यह जमीनी विवाद है, जिसमें दोनों पक्ष जमीन पर दावा कर रहे हैं। पुलिस ने विभाग के एडीए से कानूनी राय मांगी है, और सलाह मिलने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।