भूना। ग्राम पंचायत जांडली कलां में वीरवार को पंचायती जमीन की वार्षिक पट्टा नीलामी के दौरान हंगामा हो गया। अनुसूचित जाति कोटे के लिए आरक्षित 15 एकड़ जमीन पर पिछले 20 वर्षों से एक सामान्य वर्ग का व्यक्ति खेती कर रहा है। इसको लेकर एससी वर्ग के लोगों ने विरोध किया। आरोप लगाया कि अधिकारी और सरपंच की मिलीभगत से यह कब्जा चल रहा है। विरोध के चलते ग्राम सचिव राजेश शर्मा और सरपंच शीला भैरो ने एससी कोटे की जमीन की बोली स्थगित कर दी।
ग्रामीण रोहताश कुमार, पवन कुमार, राजमल सिंह, सुरेंद्र कुमार, सत्यवान, रमेश कुमार, सुनील कुमार, पंच उमेश कुमार, प्रदीप कुमार, राजेश कुमार, भीम सिंह और पंच सोनू ने बताया कि यह जमीन एससी/एसटी समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए आरक्षित है। लेकिन सामान्य वर्ग का व्यक्ति इस पर खेती कर रहा है। उसने हर एकड़ में अंडरग्राउंड सबमर्सिबल ट्यूबवेल की पाइपलाइन दबा रखी है। जिससे एससी वर्ग के लोगों को उनका हक नहीं मिल पाता।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंचायत अधिकारी सामान्य वर्ग के व्यक्ति को संरक्षण दे रहे हैं। यह एससी/एसटी समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि इस अवैध नीति को तुरंत हटाया जाए। एससी कोटे की जमीन पर खेती करना गैरकानूनी है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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रिकॉर्ड में जमीन किसी और के नाम
ग्राम पंचायत जांडलीकला के पास कुल 53 एकड़ उपजाऊ जमीन है। नियम के अनुसार 30 प्रतिशत एससी, 10 प्रतिशत बीसी, 10 प्रतिशत स्वतंत्रता सेनानी या उनके आश्रितों और 50 प्रतिशत सामान्य वर्ग को पट्टे पर जमीन दिया जाना हर पंचायत में प्रस्तावित है। लेकिन अधिकतर पंचायतों में एससी कोटे की जमीन पर सामान्य वर्ग के लोग खेती कर रहे हैं। पंचायत रिकॉर्ड में जमीन आरक्षित वर्ग के नाम दिखाई जाती है, लेकिन असल में कब्जा किसी और का होता है।
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आरक्षित वर्ग की जमीन की बोली में नहीं होगा कोई अन्य शामिल
सरपंच शीला भैरो ने बताया कि वीरवार को पंचायत की जमीन की बोली रखी गई थी। कुछ लोगों ने एससी कोटे की जमीन को लेकर आपत्ति जताई। आरोप लगाया कि सामान्य वर्ग का व्यक्ति ऊंची बोली देकर उनका अधिकार छीन रहा है। इसलिए ग्राम सचिव राजेश शर्मा से चर्चा के बाद एससी कोटे की बोली स्थगित कर दी गई। भविष्य में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के अलावा दूसरे लोगों को पट्टा नीलामी में शामिल नहीं किया जाएगा
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आरक्षित वर्ग को ही मिलेगी जमीन
समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी रामपाल मलिक ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा पंचायत की जमीन में अंडरग्राउंड सबमर्सिबल ट्यूबवेल की पाइपलाइन दबाने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो यह गलत है। इस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत रिकॉर्ड में एससी कोटे की जमीन सामान्य वर्ग के नाम पर दर्ज नहीं है। यह जमीन आरक्षित वर्ग को ही दी गई है और आगे भी उसी वर्ग को दी जाएगी।