शोक स्वरूप धर्मशाला रोड की सभी दुकानें बंद रहीं। मौत की सूचना के बाद
स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। इससे पहले टोहाना में भी डेंगू से सात
साल की बच्ची की मौत हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक धर्मशाला रोड
निवासी कपिल सोनी की पत्नी वंदना गर्भवती थी। उसने 10 दिन पहले निजी
अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया था।
जिसके बाद वंदना को बुखार
की शिकायत होने पर परिजनों ने उसे बस स्टैंड स्थित बंसल अस्पताल में दाखिल
करवाया। जांच के दौरान युवती में डेंगू की पुष्टि हुई।
जिसके बाद
सैंपल भी सिविल अस्पताल में भेजा गया। परिजनों के अनुसार सिविल अस्पताल ने
भी डेंगू की पुष्टि की थी। तबीयत बिगड़ने पर वंदना को हिसार के जिंदल
अस्पताल रेफर कर दिया गया।
शुक्रवार शाम को प्लेटलेटस चढ़ाए जाने
के बाद भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार सुबह 5 बजे युवती ने जिंदल
अस्पताल हिसार में दम तोड़ दिया। शनिवार दोपहर बाद युवती का दाह-संस्कार कर
दिया गया। दूसरी ओर 10 दिन पहले जन्मा बच्चा पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा
है।
जिले में अब तक रिकॉर्ड 88 मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि
ठंड
बढ़ने लगी है लेकिन डेंगू का प्रकोप अभी भी जारी है। जिले में अब तक 88
मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके साथ 7 साल की बच्ची समेत दो
की जान भी चली गई है।
टोहाना में डेंगू के सबसे अधिक 27 केस
शनिवार
को टोहाना में डेंगू आशंकित 27 मरीज सामने आने से संभावितों की संख्या
बढकर 181 हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार 42 मरीजों मे डेंगू की पुष्टि हो गई
है।
एसएमओ टोहाना डा. सतीश गर्ग के अनुसार शनिवार तक 181 डेंगू
आशंकित मरीजों के सैंपल भेजे जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फॉगिंग
करवाने का कार्य पूरा किया जा चुका है।
सामाजिक संगठनों द्वारा भी
जागरूकता लाने का काम किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग की एएनएम,
आंगनबाड़ी वर्कर व आशा वर्कर डोर टू डोर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है।
घरों की छतों पर रखे बर्तनों व कूलरों में जमा पानी की जांच कर रही है।
विभाग ने ढिंगसरा में 88 घरों में किया सर्वे
शुक्रवार
को ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के एसएमओ को लिखित में
शिकायत दी कि गांव में लगातार बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो
रही है।
गांव में मलेरिया और डेंगू ने पांव पसार लिए हैं। शनिवार
को डा. गोविन्द गुप्ता, एमपीएचडब्लु विरेन्द्र व मनीष ने गांव का दौरा
किया। विभाग की टीम ने 88 घरों का सर्वें किया।
जिसमें 6 लोगोें को
बुखार होने पर स्लाईड बनाई। डा. ने बताया कि कुछ और भी लोग है जिन्हें
वायरल बुखार है। लोगों को साफ सफाई के लिए जागरूक करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इस टीम ने लोगों को बताया कि छत पर पड़े टायर, बेकार बर्तन अथवा पानी की टंकी की सफाई करें। पानी को ढककर रखें।
पानी
निकासी की नाली में तेल का छिड़काव करके मच्छरों पर रोकथाम कि जा सकती है।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि बुखार आने पर वे तुरंत भट्टूकलां
स्वास्थ्य केन्द्र अथवा अपने नजदीक स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर जांच
करवाएं। झाड़ फूंक व झोलाछाप डाक्टर के चक्कर में न पड़ें।