कुलां। गांव नन्हेड़ी की अनाजमंडी में वीरवार को बायोमेट्रिक प्रणाली के कारण गेट पास न बनने और मंडी में गेहूं डालने के जगह न मिलने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित किसानों ने कुलां-रतिया मुख्य मार्ग पर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस कारण मुख्य मार्ग बाधित होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वाहन चालक गांवों में से होकर अपने गंतव्य तक जाते दिखाई दिए। धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने पर धारसूल मार्केट कमेटी के सचिव संदीप कासनियां मौके पर पहुंचे। जिन्होंने किसानों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए टोहाना के एसडीएम आकाश शर्मा प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे।
उन्होंने किसानों की समस्या को समझाया कि बायोमेट्रिक सत्यापन का कार्य ऑनलाइन होने के कारण धीरे धीरे इसमें सुधार होगा। मंडी में गेहूं डालने की जगह न होने की समस्या पर उन्होंने तत्काल प्रभाव से आढ़तियों को बुलाकर उनसे वार्ता कर वीरवार के लिए मंडी में गेट पास कटवा कर, आढ़तियों द्वारा तय जगह व राइस मिलों में गेहूं गिराने की बात कहीं।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शुक्रवार से किसान सीधे राइस मिल में अपनी फसल ले जा सकेंगे। इसके लिए वहीं पर ही गेट पास काटने के लिए कर्मियों की नियुक्ति कर दी जाएगी ताकि किसानों को अपनी फसल सुरक्षित जगह पर डालने में कोई समस्या न हो। एसडीएम के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए और करीब तीन घंटे बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
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तीन घंटे बंद रहा मार्ग
गुस्साए किसानों ने सुबह करीब साढ़े 11 बजे कुलां-रतिया मुख्य मार्ग पर धरना देकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। किसान दिलबाग सिंह, दलबीर, जीवन, गुरशरण, सुभाष, बलराज, राज, जसपाल, प्रेम आदि ने बताया कि नई बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत गेट पास जारी किए जा रहे हैं लेकिन बायोमेट्रिक सत्यापन में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण ये प्रक्रिया ठप पड़ी है। नई नीति से फसल बिक्री में देरी हो रही है। उन्होंने पिछले वर्ष की तरह इस बार भी गेहूं की खरीद सरल प्रक्रिया से किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली से मंडी में भीड़ बढ़ रहीं है। किसानों को अपनी फसल बेचने में अभी से ही अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि फिलहाल मंडी में 10 प्रतिशत भी गेहूं की आवक नहीं हुईं है जबकि देरी से मंडी पूरी तरह से अट गई है।