फतेहाबाद। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में कच्चे व जर्जर मकानों का नया सर्वे एक मार्च से शुरू कर दिया गया है। इस सर्वे का उद्देश्य 2024-25 से 2028-29 तक पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध करवाना है।
जिले में जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश के मार्गदर्शन में सर्वे का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, एक विकसित योजना को संचालित किया जा रहा है। इस योजना को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिले में प्रत्येक योग्य लाभार्थी तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
इस सर्वे का काम 2024-25 से 2028-29 तक पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध करवाना है। इस सर्वे के लिए सभी ग्राम पंचायतों में संबंधित ग्राम सचिवों को सर्वेयर के तौर पर नियुक्त किया गया है जोकि आवास प्लस एप 2024 के द्वारा सर्वे करेंगे। इस संबंध में जिले के सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं।
यह अधिकारी सरपंचों के माध्यम से सर्वे शुरू होने की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए गांव में मुनादी भी करवाएंगे। यह सर्वे करवाने के लिए आवेदक के पास मनरेगा जॉब कार्ड, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र के अलावा बैंक कॉपी होना अनिवार्य है।
लाभार्थी के लिए निर्धारित किए गए हैं 10 मापदंड
ग्रामीण आवास योजना को लेकर सरकार द्वारा 10 मापदंड निर्धारित किए गए हैं, जिनमें लाभार्थी के पास तिपहिया व चौपहिया वाहन न हो, तिपहिया व चौपहिया कृषि संसाधन न हो, 50 हजार या उससे अधिक की लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड न हो। परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी पर न हो, परिवार के पास सरकार से पंजीकृत गैर कृषि उपक्रम न हो, परिवार का कोई सदस्य 15 हजार मासिक आय न कमाता हो, व्यावसायिक कर अदा न करता हो, आयकर दाता न हो, परिवार के पास 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि न हो व परिवार के पास पांच एकड़ या उससे अधिक गैर सिंचित भूमि न हो।