फतेहाबाद में स्नेहा शर्मा का घोड़ी पर बैठाकर बनौरा निकालते परिवर के सदस्य।
फतेहाबाद। बेटियों के प्रति लोगों की सोच बदलने लगी है। शनिवार रात शहर के गढ़ी मोहल्ले में बेटी की शादी से एक दिन पहले उसका घोड़ी पर बैठाकर बिनौरा निकाला गया। अब तक परंपरा लड़के की शादी पर बिनौरा की रही है। हालांकि फतेहाबाद में शादी से एक दिन पहले पिता संजीव शर्मा ने अपनी बेटी स्नेहा को घोड़ी पर बैठाकर शहर में बिनौरा निकालकर सामाजिक कुरीतियां खत्म करने का संदेश दिया।
स्नेहा की शादी सिरसा निवासी उमेश शर्मा से रविवार को हुई। लड़की के पिता संजीव शर्मा व उनकी पत्नी रेणु बाला ने बताया कि इस तरह समाज की रुढि़यों को खत्म किया जा सकता है। कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए ऐसा किया। आज के समय बेटियां बेटों से कम नहीं हैं। कुछ लोग बेटियों को बोझ समझते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। बेटियां बोझ नहीं, बल्कि उनका भविष्य बनाती है, बेटियां नहीं तो कुछ नहीं। वहीं, घोड़ी पर बैठी स्नेहा ने कहा कि हमारे परिवार ने शुरू से ही मुझे लड़कों की तरह रखा है। किसी तरह की कोई प्रतिबंध नहीं था। इस दौरान लड़की की दादी कमलेश ने बताया कि वह बहुत खुश हैं। उसके बेटे ने पहले ही कह दिया था कि वह अपनी बेटी का बिनौरा निकालकर समाज में बेटियों के प्रति फैली कुरीतियों दूर करेगा।