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Fatehabad News: पानी निकासी के लिए 13 किलोमीटर लंबी बिछाई जाएगी पाइपलाइन

Fri, 23 Jan 2026 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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गांव खाराखेड़ी के खेतों में मानसून के दौरान हुआ जलभराव। आकाईव
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फतेहाबाद। जिले के गांव खारा खेड़ी और चिंदड़ में लंबे समय से चली आ रही जलभराव और सेम की समस्या से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सिंचाई विभाग ने इन गांवों में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था बनाने की योजना तैयार की है।
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सिंचाई विभाग ने खेतों से किशनगढ़ ब्रांच नहर तक पानी की निकासी के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया है। इस योजना के अंतर्गत 13 किलोमीटर लंबी आरसीसी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, ताकि मानसून के दौरान खेतों में जमा पानी को समय पर बाहर निकाला जा सके। विभाग का लक्ष्य है कि यह कार्य मानसून से पहले पूरा कर लिया जाए।
बता दें कि खारा खेड़ी और चिंदड़ गांवों के किसान पिछले एक दशक से अधिक समय से जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। लगातार पानी जमा रहने से करीब 6500 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि बंजर हो चुकी है। जमीन में अधिक नमी के कारण हल्की बारिश में भी खेतों में पानी भर जाता है। इससे हर वर्ष खरीफ की फसलें नष्ट हो जाती हैं और रबी की फसल की बुवाई भी संभव नहीं हो पाती।
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मानसून के दौरान खेतों का पानी गांवों की आबादी तक पहुंच जाता है, जिससे मकानों में दरारें पड़ जाती हैं। कई बार लोगों को अपने घर छोड़कर अन्य स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। किसानों का कहना है कि यदि यह योजना समय पर पूरी हो गई तो वर्षों पुरानी समस्या से स्थायी राहत मिल सकेगी। संवाद



1200 एमएम की 13 किलोमीटर लंबी होगी पाइपलाइन

सिंचाई विभाग की ओर से जल निकासी के लिए 1200 एमएम की मोटाई की आरसीसी पाइपलाइन का उपयोग किया जाएगा। यह पाइपलाइन चिंदड़ और खारा खेड़ी ग्राम सचिवालय भवन के पास स्थित जोहड़ से शुरू होकर किशनगढ़ ब्रांच तक जाएगी। इसकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर होगी। पाइपलाइन को जमीन के स्तर (लेवल) के अनुसार बिछाया जाएगा ताकि पानी का बहाव प्राकृतिक रूप से किशनगढ़ ब्रांच की ओर बना रहे और किसी भी प्रकार के पंप आदि न लगाने पड़े।

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मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का टेंडर और निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि मानसून की पहली बारिश से पहले पाइपलाइन चालू हो जाए। यदि यह काम समय पर पूरा होता है, तो इस बार मानसून में लोगों के घरों में पानी नहीं घुसेगा और गांवों की गलियां जलमग्न नहीं होंगी।
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पिछले 15 साल से जमीन को बंजर होते देख रहे हैं। घरों की दीवारों में भी सीलन आ चुकी है। सरकार की यह योजना अगर सफल होती है तो जलभराव की स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है।
-इंद्रराज ऐतरा, किसान।
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खारा खेड़ी और चिंदड़ में 10 करोड़ की लागत से हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। 13 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन आने वाले समय में इस क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को सुधारने में सहायक होगी।
-संस्करण, किसान।
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गांव खाराखेड़ी में जलभराव की स्थिति कई बार बन चुकी है। इससे खेतों में बनी ढाणियों में दरारें आ चुकी है। अगर जलनिकासी का स्थायी प्रबंध होता है को इससे किसानों को सेम की समस्या से राहत मिलेगी।
-राजबीर कुमार, किसान।
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गांव खारा खेड़ी के खेतों में जलभराव से पानी ओवरफ्लो होकर जलघर तक पहुंच जाता है। ग्रामीण इसी पानी को पीने को मजबूर होते हैं, अगर सिंचाई विभाग की यह योजना सफल होती है तो जलभराव से मुक्ति मिलेगी।
-सुरेंद्र कुमार, किसान।
:: गांव खारा खेड़ी और चिंदड़ में जलभराव की स्थिति गंभीर होती है। इस बारे में सिंचाई विभाग की ओर से 10 करोड़ की लागत से एस्टिमेट तैयार किया गया है। 13 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन को बिछाने में चार या पांच महीनों का समय लगेगा।
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-विनोद, धतरवाल, कार्यकारी अभियंता, मैकेनिकल विंग, सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग, आदमपुर।
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