अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद/मानसा। जिला एवं सत्र न्यायालय ने आठ साल पुराने एक मामले में पंजाब के भीखी गांव में किसानों और आढ़तियों के बीच हुए विवाद के दौरान गोलीकांड में एक किसान की मौत के आरोप में तत्कालीन नायब तहसीलदार सुभाष पुत्र धर्मपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने दोषी नायब तहसीलदार पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर मानसा जिले का ये मामला फतेहाबाद के जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रहा था। इस मामले में तीन साल पहले भी 6 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
मिली जानकारी के अनुसार लगभग 8 साल पहले अक्तूबर 2010 में मानसा जिले के बुढलाढ़ा ब्लॉक के तत्कालीन नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल गांव बीरोके खुर्द के एक किसान भोला सिंह की सवा एकड़ जगह की नीलामी के लिए गया था। किसान भोला सिंह पर अपने आढ़ती रामकिशन का दो लाख का कर्ज बकाया था और कर्ज की वसूली के लिए आढ़ती ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई थी। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के सदस्य किसान भोला सिंह जमीन की नीलामी के विरोध में मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया और इसी विवाद में आढ़ती रामकिशन व उसके साथियों ने किसानों पर गोलियां चला दी। इस गोलीबारी में एक किसान पृथ्वी सिंह की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आढ़ती राम किशन, उसके भाई विजय कुमार पुत्र प्रवीन कुमार, भतीजे माघी राम और नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल समेत सात व्यक्तियों पर कत्ल का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में नवंबर 2010 में नायब तहसीलदार सुभाष मित्तल के खिलाफ मामले के विरोध में पंजाब राजस्व अधिकारियों ने हड़ताल भी की थी।