अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा वन रक्षकों के गत मास में किए गए ऑनलाइन ट्रांसफर में महिला वन रक्षकों को भी शामिल किया गया है, जिससे महिला ही नहीं पुरुष कर्मचारियों में भी रोष है। वन कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य महासचिव विनीत कुमार, उपप्रधान दलबीर सिंह, राज्य सचिव कर्मवीर शर्मा, सुनील शर्मा, कृष्ण खुंडिया, शेर सिंह, जिला प्रधान जयप्रकाश, प्रेस सचिव अमीलाल, उपप्रधान सुनील डूड ने बताया कि वैसे तो महिलाएं पुरुषों के समान सभी कार्य करने में सक्षम हैं परंतु यह तबादला सरकार की ड्राफ्ट पॉलिसी के विरुद्ध है। पॉलिसी में महिलाओं को वरीयता देने की बात अंकित की गई है। तबादलों में न ही वरीयता दी गई तथा न ही ऑप्शन ली गई। सरकार द्वारा जारी सामान्य स्थानांतरण नीति में भी कपल केस को वरीयता देने का प्रावधान है।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि महिला और पुरुष वन रक्षकों की फील्ड ड्यूटी संयुक्त दल गठित करके लगाई जा सकती है। सरकार द्वारा महिला थाने स्थापित करने के बावजूद प्रदर्शनों में महिलाओं को पुरुष पुलिसकर्मी ही पीछे धकेलने, लाठीचार्ज व गिरफ्तारी करते हैं। प्रदेश का माहौल कानून व्यवस्था की दृष्टि से महिलाओं के अनुकूल नहीं है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के बावजूद महिलाओं के प्रति अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। संघ ने सरकार व प्रशासन को पत्र लिखकर महिला वन रक्षकों के तबादलों पर पुनर्विचार कर इसे रद्द करने की मांग की है।