अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम में हुए बदलाव को लेकर दलित संगठनों द्वारा टोहाना में किया गया प्रदर्शन हिंसक हो गया। भारत बंद का जहां टोहाना में व्यापक असर देखा गया, वहीं प्रदर्शनकारियों ने कई कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की। यही नहीं अमानी में रेलगाड़ी पर पथराव किया गया, जिसके चलते रेलगाड़ी को कुछ समय के लिए रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया। वहीं अंबेडकर चौक पर जाम भी लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने रोडवेज की एक बस को भी रोकने का प्रयास किया। वहीं संगठनों के लोगों ने सरकार का पुतला भी फूंका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह 9 बजे से दलित संगठनों के लोग रतिया रोड स्थित रविदास मंदिर परिसर में एकत्रित होना शुरू हुए। भीड़ सुबह 9 बजे से शुरू होकर 12 बजे तक हजारों की तादाद में पहुंच गई। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को समाज के लोगों ने अपना ज्ञापन नहीं दिया और प्रदर्शन करते हुए बाजारों में निकल गए तथा दुकानों को बंद करवाया। दलित समाज के लोगों ने अंबेडकर चौक से अपना प्रदर्शन शुरू किया और एलआईसी कार्यालय, गुगा मेड़ी रोड से होकर वाल्मीकि चौक तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में नीले झंडे व डा.भीमराव अंबेडकर की फोटो थी। यहां पर लोगों ने सरकार का पुतला फूंककर अपनी भड़ास निकाली।
इस दौरान प्रदर्शनकारी जब अलग-अलग वार्ड से आ रहे थे तो वे रास्ते में आने वाली सभी दुकानों को बंद करवा रहे थे, जिसके चलते उनकी कई जगहों पर लोगों से नोंकझोंक भी हुई। जब प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ रोड स्थित न्यू प्रभाकर कालोनी में बने सत्यम इस्टेट के कार्यालय की तरफ गए तो कुछ शरारती तत्वों ने दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। जिसकी वीडियो भी पूरा दिन सोशल मीडिया पर वायरल रही। वहीं प्रदर्शनकारियों ने अग्रसेन चौकी पर यूनिवर्सिटी फार्म सेंटर, मेगमा फाइनेंस के कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की। वहीं इससे पूर्व अंबेडकर चौक पर फतेहाबाद से टोहाना के लिए आ रही सरकारी बस को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक की सूझबूझ से वो गाड़ी को ले जाने में सफल रहा। अंबेडकर चौक पर जाम भी लगाया गया। जैसे ही प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ती गई थाना शहर प्रभारी प्रदीप कुमार, एचसी राजबीर सिंह सहित कुछ कर्मी मौके पर आए और पुलिस को स्थिति कंट्रोल करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। डीएसपी जोगेंद्र शर्मा ने स्वयं पुलिस कर्मचारियों के साथ मोर्चा संभाला।
अमानी में रेलगाड़ी पर पथराव, दूसरी ट्रेन दो घंटे तक रोकी
सरकार के विरोध में यह प्रदर्शन शहर के साथ-साथ गांवों में भी जारी रहा। जिसके चलते गांव अमानी में रेलवे स्टेशन से भिवानी के लिए जा रही गाड़ी पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। प्रशासन ने आनन-फानन में गाड़ी को जमालपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया। जहां उसे कुछ समय के लिए रोक लिया गया। 54605 गाड़ी पर अमानी फाटक गेट नंबर-8 पर पथराव किया गया था, जो हिसार से लुधियाना के लिए जा रही थी। वहीं लुधियाना से भिवानी के लिए जाने वाली गाड़ी अपने निश्चित समय पर पहुुंच गई, लेकिन इस घटना की सूचना के बाद उसे स्टेशन पर रोक लिया गया। जिसे निर्धारित समय से लगभग 2 घंटे बाद भेजा गया। जो लगभग साढे 12 बजे जमालपुर स्टेशन से अपने गंतव्य के लिए गई। इस दौरान अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ से राजेश पेटवाड़ ने बताया कि वो एक्ट की पुन: बहाली को लेकर आंदोलन में आए हैं। अगर सरकार ने इसे पुन: लागू नहीं किया जो वो अपने आंदोलन को पहले से ज्यादा तेज करेंगे।
दो लोगों ने की शिकायत
थाना शहर प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि तोड़फोड़ मामले में दो शिकायतें उनके पास आई है। एक शिकायत विक्रम प्रभाकर की ओर से दी गई है तो दूसरी परमवीर सिंह की ओर से। दोनों ही मामलों में उचित कार्रवाई की जाएगी।
अज्ञात लोगों ने किया गाड़ी पर पथराव: स्टेशन मास्टर
स्टेशन मास्टर हरभजन लूना ने बताया कि अमानी में ट्रेन पर अज्ञात लोगों ने गाड़ी रोक कर गाड़ी पर पथराव किया है। जिसके चलते 2 घंटे से अधिक समय के लिए गाड़ी देरी से गई है। उन्होंने मामले की शिकायत रेलवे पुलिस फोर्स एवं जीआरपी को दे दी है।