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प्रोपर्टी डीलर दोस्त ने धोखे से दिलवाया बैंक में गिरवी रखा मकान, नायब तहसीलदार, पटवारी सहित 5 फंसे

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अमर उजाला ब्यूरो
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रतिया।
बैंक से लोन शुदा मकान को फर्जी कागजात तैयार कर अधिकारियों की मदद से रजिस्ट्री करवा कर 11 लाख 70 हजार रुपये का फ्राड की गई। मामले में रतिया पुलिस ने रतिया के तत्कालीन नायब तहसीलदार, पटवारी, अर्जीनवीस, प्रोपर्टी डीलर सहित 5 लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
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इस मामले में पीड़ित ने सीएम विंडो में शिकायत दी थी। जांच के बाद उपरोक्त लोगों पर यह कार्रवाई की गई है। रतिया के गांव रत्ताखेड़ा निवासी महेंद्र सिंह ने सीएम विंडो में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि कि वह गांव में रहता है और उसे रतिया में एक मकान की जरूरत थी। जिस पर वह टिब्बा कालोनी निवासी प्रॉपर्टी डीलर राजेश कुमार के पास पहुंचा। उसने बताया कि रामनगर कालोनी निवासी नानकराम का एक मकान बिकाऊ है और उस पर किसी भी प्रकार का लोन इत्यादि भी नहीं है। साथ ही मकान की रजिस्ट्री इंतकाल इत्यादि भी करवा देगा। जिस पर राजेश ने 11 लाख 70 हजार रुपये में मकान का सौदा करवा दिया और उसने सन 2014 में अपनी डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर 11 लाख 70 हजार रुपये में मकान खरीद लिया और मकान की रजिस्ट्री भी उन्होंने अपनी पत्नी के नाम करवा दी। रजिस्ट्री होने के बाद उन्होंने मकान का कब्जा भी ले लिया। महेंद्र ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि राजेश ने जो नानकचंद का मकान उसे दिलवाया था, उसके कागजात अर्जी नवीस विनोद कुमार ने तैयार किए थे और कहा था कि सारे दस्तावेज ठीक हैं। साथ ही नायब तहसीलदार करण सिंह ने भी दस्तावेजों को ठीक बताते हुए उसकी पत्नी के नाम उक्त मकान की रजिस्ट्री कर दी थी। कुछ समय बाद पटवारी मदनलाल ने भी दस्तावेज सही बताते हुए उसकी पत्नी के नाम मकान का इंतकाल कर दिया। उसने शिकायत में बताया कि करीब डेढ़ साल बाद सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के कर्मचारी उसके घर आए और कहा कि उक्त मकान पर लोन है और वह जल्दी से लोन भर दे नहीं तो मकान सील कर दिया जाएगा। महेंद्र के अनुसार जब उसने पता किया तो पता चला कि कि नानक ने मकान पर 15 लाख रुपये का लोन सेंट्रल बैंक आफ इंडिया से लिया हुआ था और प्रॉपर्टी डीलर तथा अर्जीनवीस इत्यादि ने फर्जी कागज तैयार किए और पटवारी व नायब तहसीलदार ने उसकी पत्नी के नाम मकान की रजिस्ट्री करके इंतकाल कर दिया था। इसके बाद 2 जनवरी 2017 को बैंक के कर्मचारी उसके मकान को सील कर गए। उसने शिकायत में सभी आरोपियों के खिलाफ सीएम विंडो में कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। जिसके बाद पुलिस ने महेंद्र की शिकायत पर प्रॉपर्टी डीलर राजेश कुमार, मकान विक्रेता नानक चंद, पटवारी मदन लाल, तहसीलदार करण सिंह तथा अर्जीनवीस विनोद कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। हालांकि नायब तहसीलदार सिंह का अब यहां से तबादला हो चुका है। वहीं रतिया सदर थाना प्रभारी यादविंद्र सिंह ने कहा कि महेंद्र की शिकायत पर अर्जी नवीस, पटवारी, नायब तहसीलदार सहित 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी करने तथा विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की जांच की जा रही है।
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