फतेहाबाद। पोलियो उन्मूलन अभियान की जिला टास्क फोर्स की बैठक में करीब एक लाख बच्चों को 27 फरवरी को पोलियो ड्रॉप पिलाने के बारे में रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता डीसी प्रदीप कुमार ने की। 27 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग की 1133 टीमों द्वारा जिले के 618 बूथों पर जीरो से पांच वर्ष तक के 90 हजार 758 बच्चों को पोलियो दवा पिलाएंगी।
28 व 29 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर पोलियो दवा लेने से वंचित बच्चों को चिह्नित कर यह दवा पिलाना सुनिश्चित करेंगी। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वे इसे एक जन अभियान बनाएं और इस अभियान में सामाजिक संगठनों, जन प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित बूथों पर पिलाई जाने वाली दवा बारे सभी लोगों को जानकारी दी जाए, इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया जाए।
बैठक में एसडीएम राजेश कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनीता सोखी, एसएमओ डॉ. सुजाता बंसल, जीएम रोडवेज शेर सिंह, डीईओ दयानंद सिहाग, महिला एवं बाल विकास अधिकारी राजबाला सहित संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
साल 2009 से अब तक जिले में नहीं मिला पोलियो केस
डीसी ने बताया कि भारत वर्ष में पोलियो उन्मूलन अभियान वर्ष 1995 में शुरू किया गया। उस समय देश में करीब 35 हजार बच्चे हर साल पोलियो से ग्रस्त होते थे। वर्ष 2009 से अब तक जिला फतेहाबाद में पोलियो का एक भी केस नहीं पाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा देश पोलियो मुक्त है, फिर भी सुरक्षा के दृष्टिगत हमें इस ओर विशेष ध्यान देना है। जिला में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को सघन पोलियो उन्मूलन अभियान के तहत पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। कोई भी बच्चा छूटे न और सुरक्षा का चक्र टूटे न, इसके लिए अधिकारी पुख्ता प्रबंध करें।
618 स्थायी बूथों पर 2353 सदस्य देंगे सेवाएं
27 फरवरी को जिले भर में 618 स्थायी बूथों पर दो हजार 353 सदस्य पोलियो की बूंदे पिलाएंगे। अगले दिन 28 व 29 फरवरी को 1022 टीमें घर-घर जाकर, 111 मोबाइल टीमें ढाणियों और ईंट भट्ठों पर व 25 ट्रांजिट टीमें रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर पोलियो की दवाई पिलाएंगी। इनकी सुपरविजन के लिए 107 सुपरवाइजरों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा 820 आशा वर्कर को भी इस अभियान में शामिल किया गया है।