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इधर निजी बस संचालकों की मीटिंग ले रहे थे आरटीए सचिव उधर रोडवेज कर्मचारियों ने बिना रूट सवारियां भर रही बस को पकड़ा

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। दो बसों के चालान काटने और एक को इंपाउंड करने के बाद भी निजी बस संचालक बिना रूट के सवारियां भरने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी को लेकर शुक्रवार को आरटीए सचिव सविंद्र सिंह ने निजी बस संचालकों की अपने कार्यालय में मीटिंग बुलाई थी। आरटीए विभाग में जब सविंद्र सिंह शुक्रवार को निजी बस संचालकों की मीटिंग ले रहे थे, इसी दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने सहकारी समिति की एक बस को बिना रूट के बस स्टैंड के बाहर से सवारियां भरते हुए काबू कर लिया। पकड़ी गई बस को कर्मचारियों ने डिपो में लाकर आरटीए के ट्रैफिक इंस्पेक्टर को फोन किया जिसके बाद मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर सुरेंद्र ने बस का 28 सौ रुपये का चालान काट दिया।
वहीं पकड़ी गई बस के चालक से जब रोडवेज कर्मचारियों ने पूछा कि बिना रूट के क्यों सवारियों को बिठा रहे तो निजी बस के परिचालक ने कहा कि उन्हें रोडवेज टीएम ने कहा था कि बस स्टैंड के बाहर से सवारियां भर लिया करो। इसके अलावा हिसार से सवारियां लेकर बाईपास से होकर शहर में इंट्री करने वाली एक निजी बस को भी रोडवेज कर्मचारियों ने अनाजमंडी के पास पकड़ लिया और उसका चालान कटवा दिया। इसके अलावा दो अन्य निजी बसों के चालक मौके से बसों को भगाकर ले गए।
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बसों की कमी का लाभ उठा रहे निजी बस चालक
सरकार व परिवहन विभाग के ओवरटाइम को खत्म करने के बाद से ही हिसार रूट पर बसों की लगातार कमी होने के कारण निजी बस संचालकों की खूब चांदी बनी हुई है। हिसार व सिरसा के रूटों के लिए रोडवेज की बसें कम चल रही है। इस कारण पूरा दिन बस स्टैंड के बाहर यात्रियों की भीड़ लगी रही है। इसी का फायदा उठाकर सहकारी समिति और निजी बसें बिना रूट के ही हिसार व सिरसा की सवारियां भरकर रोडवेज को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे है। निजी बसें व इनके रूट सीधे तौर पर आरटीए के अंडर आते है और अवैध रूप से सवारियां भर रही इन बसों को रोकना भी आरटीए की जिम्मेदारी है, लेकिन आरटीए विभाग के अधिकारी इन बसों पर लगाम लगाने में अब तक नाकाम साबित हुए हैं।
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा अवैध रूप से सवारियां भर रही बस के परिचालक से जब रोडवेज कर्मचारियों ने पूछा कि क्यों सवारियां भर रहे थे तो उसने कहा कि टीएम ने कहा था। जबकि इस संबंध में जब टीमए सुभाष मोंगा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने किसी को भी बिना रूट के लिए सवारियां भरने का नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि बिना परमिट के किसी भी बस को बस स्टैंड के अंदर आने का अधिकार नहीं है, सवारियां भरना तो दूर की बात है।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर बोले, हमारे पास काम ज्यादा, लोगों के काम करना भी जरूरी
बस का चालान काटने पहुंचे आरटीए के ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह से जब पूछा गया कि बिना रूट के सवारी भर रही बसों को पकडना आपकी जिम्मेदारी है, इस पर उन्होंने कहा कि उनके कर्मचारियों के पास आम पब्लिक का काम ज्यादा है तथा दफ्तर में लोगों की लाईन लगी रहती है जिस कारण वे मौके पर आकर चेकिंग नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दफ्तर में आए लोगों के काम करना भी जरूरी है उनको छोड़कर तो नहीं आ सकते।
यह है परमिट रद्द होने की प्रक्रिया
आरटीए इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यदि किसी बस का लगातार तीन बार चालान कट जाता है तो उसका परमिट अपने आप रद्द हो जाता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि चालान भी ऑनलाइन काटा जाता है जिसमें बस में पाई गयी कमियां भरने पर राशी अपने आप आ जाती है।
वर्जन
रोडवेज परिचालक द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं, मैंने किसी को भी बिना रूट के सवारियां भरने के लिए नहीं कहा। बिना परमिट के किसी भी बस को बस स्टैंड परिसर में आने का अधिकार नहीं है।
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सुभाष मोंगा, टीएम रोडवेज
‘रोडवेज कर्मचारियों के द्वारा बस को पकड़े जाने के बाद हम मौके पर जाकर चालान काट रहे हैं। हमारे पास दफ्तर का काम ज्यादा होता है लोगों को छोड़कर बसों को कैसे छोड़े। आज मीटिंग में निजी बस संचालकों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि कोई भी बस बिना रूट के सवारियां ना भरे।
सुरेंद्र सिंह, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, आरटीए फतेहाबाद
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