अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। आशा वर्कर यूनियन के साथ 1 फरवरी को किए गए समझौते को हुबहू लागू करने की मांग को लेकर प्रदेशभर की आशा वर्कर 16 जुलाई को सीएम सिटी करनाल में महापड़ाव डालेंगी। प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर आशा वर्कर यूनियन जिला कमेटी की बैठक प्रधान शीला शक्करपुरा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य कमेटी के निर्णय अनुसार 16 जुलाई को करनाल में होने वाले महापड़ाव की तैयारियों को लेकर चर्चा करते हुए जिलेभर की आशा वर्करों से करनाल पहुंचने का आह्वान किया गया।
जिला प्रधान शीला ने कहा कि जनवरी में आशा वर्करों ने हड़ताल करके सरकार के साथ जो समझौता किया था, उसे सरकार 4 महीने बीत जाने के बाद भी लागू नहीं कर रही है। 20 दिन हड़ताल रही और इसके बावजूद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। ऐसे में आशा वर्करों के सामने दोबारा संघर्ष करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि नोटिफिकेशन लागू करवाने को लेकर 7 व 8 जून को दो दिवसीय हड़ताल की गई लेकिन सरकार ने कोई नोटिस जारी नहीं किया। इस पर हड़ताल को जारी रखा गया। इसके बाद 13 जून को विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया। नोटिफिकेशन में 4 हजार वेतन पर भी 2 हजार प्रोत्साहन राशियों की शर्त लगा दी। बढ़ोतरी को जनवरी की बजाय अप्रैल से लागू किया गया, प्रोत्साहन राशियों में बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी ही नहीं किया गया। इससे आशा वर्कर में भारी रोष फैल गया और उन्होंने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। जिला प्रधान ने कहा कि सरकार की बेरुखी व वादाखिलाफी के खिलाफ तथा बिना शर्त मानी गई सभी मांगों का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर प्रदेशभर की आशा वर्कर्स द्वारा 16 जुलाई को करनाल में महापड़ाव डाला जाएगा। इसमें जिला फतेहाबाद से सैकड़ों आशा वर्कर भाग लेंगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार 16 के महापड़ाव से पहले या पड़ाव के मौके नोटिफिकेशन जारी नहीं करती तो यह पड़ाव अनिश्चितकालीन हो जाएगा। बैठक में काफी संख्या में आशा वर्करों ने भाग लिया।