फतेहाबाद। जींद में आयोजित राज्यस्तरीय वाल्मीकि जयंती समारोह में फतेहाबाद डिपो से भी 72 बसें पहुंचीं। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि रोडवेज प्रबंधन का कहना है कि छुट्टी का दिन होने के चलते इसका ज्यादा असर नहीं रहा। पर फिर भी उन्होंने अपने स्तर पर कम व्यस्त रूटों से बस हटाकर व्यवस्था बनाने की बात कही है।
बता दें कि फतेहाबाद डिपो में कुल 176 बसें हैं। इनमें से 12 बसें चंडीगढ़ रूट पर, 14 बसें दिल्ली रूट और राजस्थान रूट पर करीब 5 बसें और 2 बसें हिमाचल रूट पर चलती हैं। बाकी बची बसें स्थानीय रूटों पर दौड़ती हैं। इनमें फतेहाबाद डिपो ने कुल 72 बसों को राज्यस्तरीय समारोह में भेज दिया। बसें न मिलने पर यात्री परेशान रहे और बूथ पर बस लगने का इंतजार किया।
वहीं इस कारण दिल्ली, हिसार, भिवानी, सिरसा, टोहाना, चोपटा और रतिया के रूटों से बसों के फेरे कम किए गए हैं। बसों की कमी के चलते यात्री बसों की छत पर बैठकर यात्रा करने को मजबूर हुए। हालांकि छतों पर बैठकर यात्रा करने में वालों में आसपास के क्षेत्रों के लोग रहे।
यात्री बोले
मैं फतेहाबाद का रहने वाला हूं, मुझे किसी काम से बठिंडा जाना था, काफी देर से फतेहाबाद से भट्टू जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। वहां से मुझे ट्रेन पकड़नी है। करीब 45 मिनट से बस का इंतजार कर रहा हूं।
- राजू, निवासी फतेहाबाद।
फतेहाबाद दवा लेने के लिए आया था, सुबह आने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और अब जाने में देरी हो रही है। बस नहीं मिलने के कारण वह ऑटो में फतेहाबाद आने को मजबूर हुआ। बसों की सर्विस काफी कम रही।
-सुरेंद्र, निवासी मेहूवाला।
राज्यस्तरीय कार्यक्रम के चलते जींद में बसें भेजी गई है। छुट्टी होने के चलते रविवार को बसों में यात्रियों की कमी रहती है। रूटों पर किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी गई। पूरे प्रबंध करके रखे गए।
- सुभाष ढांड, संस्थान प्रबंधक, रोडवेज फतेहाबाद।
रतिया में भी पड़ा प्रभाव
रतिया। जींद में वाल्मीकि जयंती कार्यक्रम रोडवेज की बसें जाने से यात्रियों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ा। बस स्टैंड में सहायक इंचार्ज राकेश कुमार ने बताया कि फतेहाबाद से 65 और टोहाना से 25 बसों को जींद सम्मेलन में भेजा गया है। इस कारण रतिया से सरदूलगढ़, भूना, जाखल रूट की सेवाएं सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं।
रतिया से भूना जाना था। बस स्टैंड पर आया तो पता चला कि आज इस रूट पर बस काफी देर के बाद मिल रही हैं। उसे कूलां से भूना की बस पकड़ने को कहा गया है जिसके चलते उसे काफी परेशानी उठानी पड़ी। सेवाएं प्रभावित होने से वह घर समय पर नहीं पहुंच पाएगा।
-सुखचैन, यात्री।
रतिया से जाखल जाना था लेकिन बस स्टैंड पर जाकर पता चला कि जींद किसी सम्मेलन में बस के जाने के चलते आज सेवाएं बाधित हैं। मौजूद अन्य यात्री ने उसे बताया है कि वह निजी बस के माध्यम से गांव के रूट से जाखल पहुंच सकता है
-अमन, यात्री