श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में उपस्थित श्रद्धालु।
रतिया। टिब्बा काॅलोनी स्थित श्रीराम आश्रम शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ चल रही है। उपस्थित श्रद्धालुओं को कथाव्यास पंडित आचार्य केशव शास्त्री ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, अत्याचार व अनाचार फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया।
शास्त्री ने कहा कि इंसान को हमेशा सत्य की राह पर चलते रहना चाहिए और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्य की राह पर चलना कठिन जरूर है लेकिन मनुष्य को कभी भी अपना रास्ता नहीं बदलना चाहिए। इंसान को हमेशा दूसरों की सेवा करते रहना चाहिए और सत्संग सुनते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि साधु का संग करने व सत्संग सुनने से मनुष्य के पाप कट जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य प्रभु के नजदीक होता है तो प्रभु उसकी परीक्षा लेते हैं कि वो उनकी दया, मेहर, रहमत के काबिल है या नहीं। उन्होंने आगे कहा कि इस परीक्षा में जो सफल हो जाते हैं उनका जीवन खुशियों व धन-धान्य से भर जाता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं की ओर से भजन कीर्तन भी किया गया।