अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। सरकार और रोडवेज कर्मचारियों के बीच रार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। कभी बसों के निजीकरण को लेकर तो कभी जीरो ओवरटाइम के बाद अब सरकार के एक और फरमान ने कर्मचारियों में रोष भर दिया है। सरकार के 2016 की हड़ताल के दौरान आउटसोर्सिंग पॉलिसी-2 के तहत भर्ती किए गए 365 चालकों को निकालने के आदेश के बाद फरीदाबाद जीएम द्वारा 37 चालकों को निकाले के आदेश के बाद फतेहाबाद के कर्मचारी भी लामबंद हो गए हैं। सरकार के इस फैसले के विरोध में रोडवेज कर्मचारी सोमवार को बस स्टैंड परिसर में 2 घंटे की गेट मीटिंग कर प्रदर्शन करेंगे। बता दें कि उक्त पॉलिसी के तहत फतेहाबाद मेें भी 10 चालक लगे हुए हैं।
फतेहाबाद रोडवेज प्रधान मनोज कुंडू ने बताया कि सरकार लगातार कर्मचारियों के विरूद्ध दमनकारी नीति अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार का उक्त कर्मचारियों को निकाले का फैसला सरासर गलत है, अगर फतेहाबाद में लगे 10 चालकों को यदि निकाला गया तो रोडवेज कर्मचारी बसों का चक्का जाम कर देंगे। उन्होंने कहा कि सोमवार को 2 घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा तथा गेट मीटिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के बाद आगे की रणनीति बनाने के लिए राज्य कार्यकारिणी की बैठक भी बुलाई गई है जिसमें भविष्य की रणनीति बनाई जाएगी।