अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। स्कूल को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाकर नए सिरे से शुरू करने का काम करेंगे तथा इसके लिए क्षेत्र की संगत का सहयोग नितांत आवश्यक है। ये बात दिल्ली गुरुद्वारा सिख प्रबंधन कमेटी के महासचिव मनजिंद्र सिंह सिरसा ने कही। वे गुरु तेग बहादुर इंटरनेशनल स्कूल में गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित शहीदी समागम में विशेष रुप से उपस्थित हुए थे। समागम में भाई सुखदेव सिंह कोमल रागी जत्था व स्कूल के बच्चों ने शब्द कीर्तन के माध्यम से गुरु जी की महिमा का बखान किया। इससे पूर्व महासचिव ने क्षेत्र की संगत से भी स्कूल प्रबंधन को लेकर विचार विमर्श किया तथा कहा कि इसके लिए वो नए सिरे से सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाऐंगे। इसके अलावा स्थानीय कमेटी बनाकर उसका जुड़ाव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक रुप से स्कूल के लिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सिरसा ने कहा कि स्कूल के सही संचालन के लिए जरूरी है कि समर्पित स्टाफ हो तथा उन्हें भी समय पर वेतन मिले जिससे कि उनका जुड़ाव बना रहे। उन्होंने कहा कि अगर स्टाफ को समय पर वेतन नहीं मिलेगा तो वो अच्छी तरह से बच्चों को पढ़ा नहीं पाऐंगे। इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए बनाई गई बिल्डिंग के जर्जर होने पर उन्होंने कहा कि बिल्डिंग की रिनोवेशन करवाकर वहां पर शुरुआत में डिस्पेंसरी खोली जाएगी जिसे अस्पताल का रुप दिया जाएगा। अपने संबोधन में मनजिंद्र सिंह सिरसा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीरी पंडितों तथा अन्य हिंदुओं को बलपूर्वक मुसलमान बनाने का विरोध किया। इस्लाम स्वीकार न करने के कारण 1675 में मुगल शासक औरंगजेब ने सबके सामने उनका सिर कटवा दिया। गुरुद्वारा शीश गंज साहिब तथा गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब उन स्थानों का स्मरण दिलाते हैं जहाँ गुरुजी की हत्या की गयी तथा जहाँ उनका अंतिम संस्कार किया गया। हमें गुरु जी द्वारा दिखाए मार्ग पर चलना है। आयोजन कमेटी द्वारा आए हुए अतिथियों को सिरोपा व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा सिंह सभा के महासचिव महेंद्र सिंह वधवा ने मंच संचालन किया। समागम में मनजिंद्र सिंह सिरसा के साथ हरमीत सिंह पम्मा, जसविंद्र सिंह, स्कूल चेयरमैन जसपाल सिंह रियाड़, स्थानीय विधायक बलवान दौलतपुरिया, इनेलो जिला प्रधान बलविंद्र कैरों, द्वारका प्रसाद, हरपाल सिंह अहरवां, रणजीत सिंह भानीखेड़ा, एसजीपीसी सदस्य हरियाणा अमरजीत कौर व इसके अलावा फतेहाबाद और बीघड़ से गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटियों सहित जत्थेबंदियां उपस्थित थी।