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लहरियां की निलंबित सरपंच उर्मिला देवी बर्खास्त

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लहरियां की निलंबित सरपंच उर्मिला देवी बर्खास्त
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अमर उजाला ब्यूरो
भूना। पंचायती फंड की लाखों रुपये की राशि में गड़बड़झाला करने और विभागीय आदेशों का पालन न करने के कारण सुर्खियों में रही ग्राम पंचायत लहरियां की निलंबित सरपंच उर्मिला देवी को जांच के बाद तुरंत प्रभाव से डॉ. जय कृष्ण आभीर ने बर्खास्त कर दिया है। जिसके बाद संबधित सरपंच के समर्थकों में मायूसी छा गई है। उक्त सरपंच पर ग्राम पंचायत की पट्टे की 12 लाख 22 हजार रुपये की राशि पंचायत खाते में जमा न करवाने के कारण विभागीय जांच शुरू कर दी गई थी। जिसमें दोषी पाए जाने के बाद डीडीपीओ अनुभव महता और बीडीपीओ रविंद्र कुमार दलाल ने रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी थी, जिसमें 25 सितंबर 2018 को सरपंच उर्मिला देवी को निलंबित कर दिया गया था। मामले की जांच के दौरान सरपंच द्वारा बार-बार नोटिस का जवाब न देने और राशि जमा न करवाने के कारण उपायुक्त डॉ. ऑभीर ने तुरंत प्रभाव से सरंपच को बर्खास्त कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
गांव लहरियां के आरटीआई कार्यकर्ता देवेंद्र कुमार ने सीएम विंडो मेें शिकायत देकर सरपंच उर्मिला देवी पर पंचायती जमीन की पट्टा राशि को स्वयं हड़पने के आरोप लगाए थे। जिसकी जांच अधिकारियों द्वारा की गई तो उजागर हुआ कि संबंधित सरपंच ने ग्राम पंचायत की जमीन को पट्टे पर देने के उपरांत प्राप्त हुई 12 लाख 22 हजार रुपये की राशि ग्राम पंचायत के बैंक खाते में जमा करवाने के बजाय अपनी जेब में ही डाल ली। विभागीय जांच के उपरांत खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी फतेहाबाद ने कई बार नोटिस जारी करके सरपंच को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया था। बावजूद इसके सरपंच ने अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। उपरोक्त दोनों अधिकारियों द्वारा की गई जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद मामला उपायुक्त के संज्ञान में लाया गया। जिन्होंने सरपंच द्वारा पंचायती राशि गबन करने और सरकारी योजनाओं को अमलीजामा न पहनाने के कारण बर्खास्त कर दिया है।
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ग्राम पंचायत की सरपंच उर्मिला देवी पर पंचायत फंड की राशि गबन करने और विभागीय आदेशों की अवमानना करने के कारण उपायुक्त फतेहाबाद ने उन्हें तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। गबन राशि वसूलने के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
अनुभव मेहता, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी
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