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57 नए रोडवेजकर्मियों को थमाए टर्मिनेशन के नोटिस, भड़के कर्मियों ने छह घंटे पहले शुरू किया चक्का जाम

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57 नए रोडवेजकर्मियों को थमाए टर्मिनेशन के नोटिस तो सात घंटे पहले ही कर दिया चक्का जाम
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। रोडवेज कर्मचारियों ने निर्धारित एलान से सात घंटे पहले ही प्रदेश भर में रोडवेज बसों का चक्का जाम कर दिया है। फतेहाबाद जिले में भी शाम 5.30 बजे ही रोडवेज की बसों को ब्रेक लग गए हैं। कर्मचारियों ने बस स्टैंड परिसर के अंदर ही धरना शुरू कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है। रोडवेज विभाग द्वारा प्रोहिबेशन पीरियड में चल रहे 57 कर्मचारियों को नोटिस को बर्खास्तगी की धमकी वाले नोटिस भेजने के बाद कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसके तुरंत बाद रोडवेज यूनियन्स के नेता एकत्रित हुए और हड़ताल शुरू करने का ऐलान कर दिया।
नए ज्वाइन किए गए फतेहाबाद रोडवेज के 57 चालक-परिचालकों को प्रोहिबेशन पीरियड में होने के कारण हड़ताल से दूर रहने के नोटिस दिए गए हैं। इसका पालन ना करने पर उन्हें टर्मिनेशन की धमकी भी नोटिस में दी गई है। इन नोटिसों पर रोडवेज जीएम राहुल मित्तल के हस्ताक्षर हैं, लेकिन उन्हें खुद ही नहीं पता था कि कर्मचारियों को नोटिस भेजे गए हैं। अमर उजाला से ही उन्हें इस बात की जानकारी मिली।
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शाम को घर लौटने वाले यात्री हुए परेशान
रोडवेज कर्मचारियों द्वारा अचानक से हड़ताल का एलान करने के चलते ड्यूटी के बाद शाम को बस के द्वारा अपने घर लौटने वालों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। बसों की एकाएक हुई हड़ताल के चलते सिरसा और फतेहाबाद से निकलने वाली बसें बस स्टैंड से बाहर ही नहीं निकली। फतेहाबाद डिपो की बसें जो बाहर के रूटों से आई, वो भी आगे जाने की बजाय बस स्टैंड के अंदर ही चली गई। यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतार दिया गया। इसके चलते कई बार यात्रियों की रोडवेज चालकों-परिचालकों से बहस भी हुई। अचानक हड़ताल के चलते बस स्टैंड के बाहर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई।
बस अड्डा परिसर में पुलिस बल तैनात
रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम के मद्देनजर किसी प्रकार का कोई तनाव ना फैले, इसके लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के सारे प्रबंध कर लिए हैं। पहले पुलिस प्रशासन की प्लानिंग थी कि रात को तकरीबन 10 बजे पुलिस बल बस स्टैंड एवं इसके आसपास तैनात कर दिया जाएगा, लेकिन एकाएक रोडवेज की हड़ताल का समय जल्दी होने के कारण पुलिस को भी एकाएक ही अपनी प्लानिंग में बदलाव करते हुए पुलिस बल शाम को ही तैनात करना पड़ा। डीएसपी हेडक्वार्टर धर्मवीर पूनियां की अगुवाई में पुलिस की लगभग एक टुकड़ी हड़ताल के दौरान बस स्टैंड व आसपास तैनात रहेगी।
प्रशासन का प्लान रह गया अधूरा
प्रशासन की मंशा थी कि पहले की हड़तालों की तरह अलसुबह की दो-तीन बसें निकलवा दी जाएंगी, लेकिन रोडवेज कर्मचारियों ने समय से पहले हड़ताल का ऐलान कर प्रशासन की उस मंशा पर पानी फेर दिया। रोडवेज जीएम राहुल मित्तल मामले पर नजर बनाए हुए हैं और लगातार उच्चाधिकारियों को पल-पल की रिपोर्ट भी भेज रहे हैं।

रोडवेज के नेताओं की प्रदेश सरकार से बात चल रही है, उमीद है कि हड़ताल समाप्त हो जाएगी। हम अपनी ओर से पूरे प्रयास करेंगे कि ज्यादा से ज्यादा बसें चलवा सकें। माननीय कोर्ट ने भी हड़ताल को अवैध बताया है। कर्मचारियों को जनहित में हड़ताल समाप्त कर बसें चलानी चाहिए।
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-राहुल मित्तल, रोडवेज जीएम फतेहाबाद

हड़ताल शुरू कर दी गई है, बसों को बाहर ले जाने का प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा। सोमवार शाम 5 बजे से बसें बंद कर दी गई हैं। जब तक सरकार मांगें नहीं मानती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
सूबे सिंह, रोडवेज कर्मचारी नेता फतेहाबाद ।
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