फतेहाबाद। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा फील्ड में तैनात 23 अन्य पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने पराली जलाने से रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकारियों और पुलिस की गश्त लगाई हुई है। इसके बावजूद भी पराली जलाने में जिले का प्रदेश में जींद के बाद दूसरा स्थान है। यह कार्रवाई फसल अवशेष जलाने के मामलों में पिछले एक सप्ताह में आई तेजी के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने की है।
हरसेक की ओर से जिले में पिछले एक सप्ताह में जिले से 50 स्थानों पर लोकेशन प्राप्त हुई है। इनमें 34 किसानों के खिलाफ शिकायत भेजी गई और 19 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जिले में 18 अक्तूबर के बाद से लगातार फसल अवशेष जलाएं जाने के मामले बढ़ रहे हैं। जिले में अब तक फसल अवशेष जलाने की कुल 75 स्थानों पर लोकेशन मिली है।
इन मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए 19 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और उन पर 1.80 लाख का जुर्माना लगाया गया है। एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि सरकार और प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, फसल अवशेष जल रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिसकर्मियों की फील्ड में तैनात किया गया है।
जिस गांव में फसल अवशेष जलते मिलते हैं उन गांव के ग्राम सेवक और सरपंच आदि को इसकी सूचना देनी होती है। ऐसा नहीं करने पर चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। हालांकि एसपी की ओर से इनके नाम नहीं बताए गए हैं। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेष न जलाएं, यह पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। साथ ही पुलिस प्रशासन ने अपने फील्ड स्टाफ को अलर्ट कर दिया है कि वे निगरानी बढ़ाएं और तुरंत व सही जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं।
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हरसेक से मिल रही गलत लोकेशन
जिले में इस सीजन में अब तक कुल 75 लोकेशन में से 32 पर मौके पर आग लगी नहीं मिली। जिससे लोकेशन की जानकारी देने में कुछ गलतियां सामने आई हैं। वहीं कुछ लोकेशन गैर कृषि भूमि की प्राप्त हुई है। जांच में यह कूड़े में आग लगी मिली।
:: जिले में फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद भी जो किसान फसल अवशेषों को जला रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है। कृषि विभाग के कर्मचारी पुलिस के साथ फील्ड में निकल रहे हैं।
-डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।