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फरमान के बाद नशा मुक्ति केंद्र छोड़कर चले गए 30 मरीज

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फतेहाबाद का नशा मुक्ति केंद्र। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों को अपने साथ अब तीमारदार को रखना होगा। अगर मरीज तीमारदार को साथ नहीं रखेगा तो उसे दाखिल नहीं किया जाएगा। नशा मुक्ति केंद्र में मरीज को अपने साथ अटेंडेड रखने का फरमान जारी कर दिया गया है, जिसके बाद 30 मरीज केंद्र छोड़कर चले गए हैं। नशा मुक्ति केंद्र के अंदर हो रही चोरी व मरीजों के बाहर जाकर व अंदर नशा करने की बढ़ती घटनाओं के बाद फैसला लिया गया है। इस फैसले के बाद नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल मरीजों में भी हड़कंप मच गया है।
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नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों की संख्या इस फैसले के बाद घटनी शुरू हो गई है। केंद्र में पहले जहां मरीजों की संख्या 36 तक पहुंच गई थी वहीं अब घटकर मरीजों की संख्या 6 तक आ गई है। हालांकि नशा मुक्ति केंद्र की अनुमति 10 बेड की है लेकिन फिर भी पहले यहां पर व्यवस्था करके 40 तक मरीज दाखिल किए जा रहे थे। बता दें कि नशा मुक्ति केंद्र में सख्ती के बाद हिसार रेंज आईडी के अभियान ड्रग एवं हिंसा मुक्त मेरा गांव मेरी शान को झटका लगा है। नशा मुक्ति केंद्र में बिना तीमारदार के मरीज न लेने से पुलिस टीमों को मरीजों को निजी केंद्र में दाखिल करवाना पड़ रहा है। हालांकि पहले टीम करीब 40 मरीजों को यहां दाखिल कर चुकी है।
पुलिस विभाग की तरफ से लोगों को नशा के प्रति जागरूक करने के लिए गांव अयाल्की, हिजरावां कलां, भरपूर, रत्ताखेड़ा, लाली, नकटा, रतनगढ़, ब्राहम्णवाला, महमड़ा और चूहड़पुर गांव गोद ले रखे हैं। पुलिस विभाग की टीमें गोद लिए गांव में ग्रामीणों को नशे के प्रति जागरूक कर रही है। संवाद
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नशा मुक्ति केंद्र के बाथरूम में मरीज करते हैं नशा
नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल मरीज अपनी मनमर्जी करते है। मरीज केंद्र से बाहर चले जाते हैं और फिर बाहर जाकर नशा करते है, इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्र के बाथरूम में भी नशा करते हैं। यहां तक की कई मरीजों के परिवार के लोग संभालने तक नहीं आते है। यहां बता दें कि मरीज का केंद्र में कम से कम 14 दिन तक उपचार चलता है। यहां पर मरीजों को दवा के साथ-साथ काउंसिलिंग भी की जाती है।
केंद्र में स्टाफ के साथ मारपीट का कई बार प्रयास कर चुके हैं मरीज
नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल मरीज कई स्टाफ के साथ मारपीट का भी प्रयास कर चुके है।ं पिछले दिनों मरीज ने स्टाफ नर्सों के ऊपर पत्थर तक बरसाए थे, ऐसे में उन्हें छिपकर अपनी जान बचानी पड़ी थी। इसके अलावा भी कई बार घटनाएं हो चुकी हैं।
हेरोइन, चूरापोस्त और मेडिकल नशा के सबसे ज्यादा आ रहे मरीज
नशा मुक्ति केंद्र में हेरोइन, चूरापोस्त और मेडिकल नशा के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। आंकड़ा पर नजर डाले तो करीब 60 फीसदी मरीज हेरोइन नशा लेने वाले मरीजों के आ रहे हैं। इसके अलावा 15 फीसदी मरीज ऐसे हैं जो कि चूरापोस्त का नशा लेते हैं।
नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों की स्थिति
नशा मुक्ति केंद्र में मई 2018 से मार्च 2022 तक दाखिल मरीज : 960
ओपीडी में रोजाना आ रहे मरीज : 70 से 80
कोट
नशा मुक्ति केंद्र फतेहाबाद में हम मरीजों को दाखिल करवा रहे थे। लेकिन यहां पर अब सख्ती कर दी गई है और कहा जा रहा है कि अटेंडेड होना चाहिए। कई मामलों में मरीज के साथ अटेंडेड नहीं होता है ऐसे में उन्हें गांव चिकनवास के नशा मुक्ति केंद्र में मरीज दाखिल करने पड़ रहे हैं।
- सुंदर मुसाफिर, इंचार्ज नशा मुक्ति टीम।
नशा मुक्ति केंद्र में जो मरीज दाखिल होते हैं वह नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। मरीज बाहर चले जाते हैं और नशा करते हैं। इसके अलावा केंद्र से टूंटियां व अन्य सामान भी चोरी हो रहा है, इसलिए मरीजों को दाखिल तभी किया जाएगा, जब उनके साथ तीमारदार होगा।
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- डॉ. गिरीश, नोडल अधिकारी, नशा मुक्ति केंद्र फतेहाबाद।
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