फतेहाबाद। टीबी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य को लेकर धरातल पर मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच के लिए मंगलवार को 22 स्वास्थ्य अधिकारी जिले में पहुंच रहे हैं। इसमें 8 जिलों समेत मुख्यालय के अधिकारी भी शामिल हैं। ये अधिकारी 23 से लेकर 25 जनवरी तक गहन राज्य आंतरिक मूल्यांकन करेंगे। इतने बड़े स्तर पर हो रहे इस मूल्यांकन को लेकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सोमवार को भी तैयारियों में जुटे रहे।
अधिकारी 52 प्वाइंटों पर ये मूल्यांकन करेंगे कि जिले में टीबी को लेकर जांच और उपचार व अन्य सुविधाएं सही दी जा रही हैं या नहीं। मरीज में टीबी की पुष्टि के बाद कितने समय में उसका उपचार शुरू हो रहा है और निक्षय योजना के तहत लाभ कितने समय में मरीजों को मिल रहा है।
टीम कमियों को लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके अलावा यहां दी जा रही बेहतर सेवाओं को दूसरे जिलों को भी बताया जाएगा। बता दें कि जिले में वर्ष 2023 में 17084 मरीजों की जांच हुई जिसमें 2083 में टीबी की पुष्टि हुई। जिसमें महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की संख्या ज्यादा रही है। यहां तक कि बच्चे भी टीबी बीमारी के शिकार मिले हैं। जिले में 2438 मरीजों का उपचार शुरू हुआ है। जिले के ऐसे मरीज भी है जिन्होंने जांच दूसरे जिले से करवाई और उपचार यहां से शुरू हुआ है।
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टीबी मरीजों की जिले में ये रही है पिछले वर्ष स्थिति
जिले में टीबी को लेकर हुई जांच - 17084
जांच में टीबी पॉजिटिव मिले - 2083
जिले में टीबी मरीजों का शुरू हुआ उपचार - 2438
पुरुष मिले पॉजिटिव - 1275
महिलाएं मिली पॉजिटिव - 808
0 से 14 साल के बच्चे मिले पॉजिटिव - 60
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मरीजों के घर जाकर भी फीडबैक लेगी टीम
स्टेट टीबी ऑफिसर, डब्ल्यूएचओ के सलाहकार, माइक्रोबायलॉजिस्ट, रेवाड़ी, चरखी दादरी, मेवात, गुरुग्राम, यमुनानगर, करनाल, कुरूक्षेत्र, सोनीपत समेत मुख्यालय के अधिकारी मूल्यांकन करेंगे। टीम सदस्य मरीजों के घर जाकर फीडबैक लेगी। इसके अलावा बलगम जांच केंद्रों की भी जांच होगी। इसके अलावा टीम पिछले मूल्यांकन रिपोर्ट, पिछली आईआरएल विजिट रिपोर्ट, स्टाफ रिकॉर्ड, जिले का एक्शन प्लान समेत 52 प्वाइंट पर मूल्यांकन होगा।
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टीबी को लेकर गहन राज्य आंतरिक मूल्यांकन होने जा रहा है। इसको लेकर स्टेट टीबी ऑफिसर समेत कई अधिकारी आ रहे हैं। मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का टीम सर्वे करेगी। जिले में टीबी को लेकर बेहतर कार्य हो रहा है और सैंपल जांच भी बढ़ाई गई है। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
- डॉ. महेंद्र सिंह, सिविल सर्जन फतेहाबाद