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वैक्सीन की शीशी में 20 डोज, खराब होने के डर से स्वास्थ्यकर्मी शुरू नहीं कर रहे टीकाकरण

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फतेहाबाद में सेंटर पर कोरोना से बचाव का टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। कोरोना टीकाकरण की रफ्तार बिल्कुल धीमी पड़ने के पीछे शीशी में डोज की मात्रा अधिक होना आफत बन रहा है। स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वैक्सीन खराब होने के डर से टीकाकरण ही शुरू नहीं कर रहे हैं। जिले के आधे से ज्यादा सेंटरों पर टीकाकरण इन्हीं कारणों से शुरू नहीं हो पा रहा है कि एक साथ 20 लोग नहीं पहुंच रहे है। सेंटरों पर पूरे दिन में 5 से 10 लोग पहुंच रहे हैं, इसके चलते किसी सेंटर पर कोवाक्सिन तो किसी पर कोविशील्ड वैक्सीन लगाने का टीकाकरण शुरू नहीं हो रहा है।
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बता दें के सेंटर पर 20 लोगों के एक साथ इकट्ठा न होने पर पात्रों से मोबाइल नंबर लेकर उन्हें वापस भेजा जा रहा है। हालात ये है कि जिले में करीब दो लाख लोगों की दूसरी डोज ड्यू हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोविशील्ड एक शीशी में 10 और 20 डोज, कोवाक्सिन की एक शीशी में 20 डोज और कोर्बेवैक्स की एक शीशी में भी 20 डोज की मात्रा आ रही है। अधिकारियों की माने तो शीशी खोलने के बाद चार घंटे तक ही वैक्सीन सुरक्षित रह सकती है।
वापस लौट जाते हैं पात्र
कोरोना टीकाकरण के कैंप अस्पतालों में रोजाना लग रहे है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या ये है कि सेंटर पर एक साथ 10 से 20 लोग नहीं आ रहे और टीकाकरण शुरू न होने से पात्रों को वापस भेजा रहा है। पात्रों के मोबाइल नंबर लेकर वापस भेजा जा रहा है, लेकिन विभाग की तरफ से टीकाकरण शुरू होने पर फोन करके बुलाया नहीं जा रहा है।
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पात्र पहली डोज दूसरी डोज बूस्टर डोज
स्वास्थ्यकर्मी 4793 4753 700
फ्रंटलाइन वर्कर्स 2411 2024 72
60 साल से ऊपर 84198 64371 2102
45 से 59 साल 144071 119224 17
18 से 44 साल 402551 266463 10
15 से 17 साल 38454 12656 0
12 से 14 साल 6245 1153 0
ये है अलर्ट, एक भी कोरोना सैंपल नहीं लिया
कोरोना महामारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर रखा है। लेकिन बावजूद इसके रविवार को जिले में कोरोना का एक भी सैंपल नहीं लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को जिले में रैपिड एंटीजन का एक भी सैंपल नहीं लिया गया है। जिले में फिलहाल कोरोना का एक ही एक्टिव केस है। आरटीपीसीआर सैंपल पिछले 31 दिनों से बंद है।
कोट
कोरोना वैक्सीन एक शीशी में पांच डोज होनी चाहिए। एक शीशी में 20 डोज आते है, इतनी लोग एक साथ सेंटर पर नहीं आ रहे है। खराब होने के डर से स्वास्थ्यकर्मी शीशी नहीं खोलता है। अगर शीशी में डोज की मात्रा पांच तक की जाए तो टीकाकरण बढ़ सकता है।
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-मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन
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