गांव सनियाना के पास अवैध शराब मिलने के मामले में गृहमंत्री अनिल विज के आदेश मिलने के बाद जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। पुलिस ने इस मामले में पकड़े गए ठेकेदार सुरेंद्र सिंह के लाइसेंस शुदा पारता व सनियाना के दोनों देसी शराब ठेके सील कर दिए। वहीं, विनोद उर्फ धोलिया व उसके सहयोगी भी अवैध शराब मामले में पुलिस ने काबू किए थे। इनमें से तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया था। आरोपी एवं ठेकेदार सुरेंद्र सिंह को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। दो दिनों की अवधि के दौरान मुख्य आरोपियों तक पुलिस पहुंच नहीं पाई इसलिए मंगलवार को न्यायालय में पेश करके सुरेंद्र सिंह को पुन: दो दिन के रिमांड पर लिया है।
बहादुरगढ़ से लाया था शराब, लॉकडाउन में महंगे दामों पर बेचने का था इरादा
शराब माफिया से तीन दिन पहले लॉकडाउन में नाकेबंदी के दौरान गांव सनियाना के समीप तीन गाड़ियों से 4080 बोतल शराब बरामद की थी। रिमांड के दौरान सुरेंद्र ने बताया कि वह यह शराब बहादुरगढ़ एल-13 से लेकर आया था और उसकी मंशा लॉकडाउन में इस शराब को महंगे रेटों पर बेचने की थी। भूना पुलिस ने रविवार व सोमवार को बहादुरगढ़ एल-13 की जांच कर रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिया। वहीं, झज्जर डीटीसी के द्वारा उक्त एल-13 को सील करवाया गया है। इस मामले में फतेहाबाद पुलिस ने एल-13 के मालिक की गिरफ्तारी के लिए कई जगह पर दबिश दी थी परंतु इसमें पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई है। पुलिस ठेकेदार सुरेंद्र सिंह को साथ लेकर एल-13 के मालिक के ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है।
यह था मामला : भूना पुलिस ने तीन दिन पहले गांव सनियाना के समीप नाकेबंदी के दौरान तीन गाड़ियों से 4080 बोतल शराब बरामद की थी। इस दौरान पुलिस ने शराब ठेकेदार ढाणी भोजराज निवासी सुरेंद्र, गांव सनियाना निवासी रणवीर, विनोद उर्फ धोलिया व सोहन को गिरफ्तार किया था।
पकड़ी गई शराब के लेबल के आधार पर आबकारी एवं कराधान विभाग रोहतक की टीम ने भूना थाने में पहुंचकर जांच की है। शराब संबंधित फैक्टरी में निर्मित है या नहीं, इसकी जांच हो रही है। विभाग की टीम द्वारा बरामद शराब के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। -राजेश कुमार, एसपी, फतेहाबाद।