अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। प्रदूषण की समस्या को दूर करते हुए केंद्र सरकार द्वारा किसानों की पराली खरीदने के फैसले पर जिलाध्यक्ष वेद फूलां ने भाजपा हाईकमान का आभार जताया है।
उन्होंने कहा भाजपा सरकार ने किसानों के हित में फैसला देते हुए उन्हें राहत दी है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है। किसानों की पराली का सरकार ने खरीदने का जो फैसला किया है, उससे किसानों की परेशानियों दूर होंगी ही साथ में बिजली उत्पादन भी होगा जो जनता के लिए सर्वोपरि होगा। वेद फूलां ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की समस्याओं को समझा है और किसान को जोखिम फ्री किया है। उन्होंने कहा कि पराली का निपटान किसानों के लिए मंहगा पडता है। हरियाणा पहला राज्य है जहां किसानों को पराली का दाम मिलेगा और किसानों के साथ-साथ भविष्य में भाजपा सरकार की तरफ से हरेक को फायदा होगा।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि किसानों की समस्याओं को देखते हुए हरियाणा के कृषिमंत्री ओपी धनखड ने केंद्र सरकार से इस समस्या से निजात दिलाने के लिए पत्र भेजा था। पत्र पर उर्जा मंत्री ने स्वंय सज्ञंान लेते हुए हरियाणा के किसानों को सौगात दी और कहा कि किसानों की पराली को बेकार न जाने देकर उससे बिजली बनाई जाएगी। उर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार 550 रूपए प्रति क्विंटल की दर से पराली की खरीद करेगी, इससे किसान वर्ग खुशहाल होगा। वेद फूलां ने बताया कि भाजपा सरकार के फैसले हर वर्ग के फायदे के लिए होते हैं। अब तक जिनती भी घोषणाएं की गई हैं उन पर कार्य चल रहा है। भाजपा सरकार में हरियाणा प्रगति की राह पर रहेगा। जिलाध्यक्ष ने बताया कि किसानों के सामने पराली का संकट था। कुछ समय लगा लेकिन भाजपा सरकार ने किसानों को तोहफा देते हुए उनकी पराली खरीदने का निर्णय लिया। किसानों की पराली का संकट आमजन पर भारी पड रहा था लेकिन भाजपा सरकार ने जनता व किसानों की इस समस्या को हर लिया। जिलाध्यक्ष वेद फूलां ने बताया कि किसानों की पराली खरीदे जाने से किसानों को प्रति एकड़ 13 हजार से ज्यादा का लाभ होगा।
प्रति एकड़ आमतौर पर 25 क्विंटल धान होता है और करीब इतना ही अवशेष। इस लिहाज से 25 क्विंटल पराली प्रति एकड़ होती है। 550 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से यह राशि 13750 रूपये प्रति एकड़ बनती है। जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि किसानों को पराली के समाधान के लिए कृषि ने इस बार कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड की पहल पर किसान मेलों का आयोजन किया था। किसानों को कृषि विभाग ने पराली निपटान के उपकरण खरीदने पर 75 करोड़ की सब्सिडी दी। इसके अलावा जिन किसानों ने पराली के अवशेष की जुताई कराईए ऐसे किसानों को भी सब्सिडी के तहत जुताई की राशि में भी सहयोग किया। अब पराली की खरीद किये जाने के निर्णय से किसानों को बहुत लाभ होगा। पराली का निपटान किसानों के लिए महंगा पड़ता है।