फतेहाबाद। आयुष्मान भारत और चिरायु योजना में शामिल जिले के करीब पांच लाख पात्रों का आज से निजी अस्पतालोंं में उपचार नहीं होगा। पैनल में शामिल 19 निजी अस्पतालोंं ने उपचार करने से मना कर दिया है। बकाया भुगतान समेत अन्य मांगे न माने जो पर आईएमए के आह्वान पर निजी अस्पताल शनिवार से पात्रों का उपचार नहीं करेंगे। आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों का करीब 10 करोड़ रुपये से भी ज्यादा के बिल का भुगतान नहीं किया गया है।
इसके अलावा जो भुगतान किया जा रहा है वह पैकेज के अनुसार न देकर कटौती करके दिया जा रहा है। इसके चलते आईएमए ने 16 मार्च से उपचार बंद करने का फैसला लिया है। इसको लेकर आईएमए द्वारा उपायुक्त राहुल नरवाल और उप सिविल सर्जन डॉ. संगीता अबरोल को ज्ञापन भी दिया गया। इस दौरान डॉ. अंशुल सहगल, डॉ. अमित आहूजा समेत आईएमए सदस्य मौजूद रहे।
जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत 19 निजी अस्पताल पैनल में शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक जिले के निजी अस्पतालों को पिछले साल अक्टूबर माह तक 68 करोड़ 59 लाख का भुगतान हो चुका है। ये भुगतान 42 हजार 297 मरीजों के उपचार का किया गया था। पैनल में शामिल निजी अस्पताल संचालकोंं का कहना है कि अनुबंध के अनुसार मरीज के डिस्चार्ज के 15 दिन में भुगतान होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। जो पैकेज है उसके अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है और कटौती की जा रही है।
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जिले में ये हैं पैनल में शामिल निजी अस्पताल
- वधवा सर्जिकल अस्पताल फतेहाबाद।
- पारूल ईएनटी, स्किन एवं लेजर सेंटर टोहाना।
- राजन आई, हार्ट एवं लेजर सेंटर टोहाना।
- आई क्यू अस्पताल फतेहाबाद।
- जयपुर चिल्ड्रन अस्पताल फतेहाबाद।
- राजस्थान मेडिकल सेंटर टोहाना।
- सद्भावना अस्पताल फतेहाबाद।
- जनता आई एवं मैटरनिटी अस्पताल टोहाना।
- अरोड़ा अस्पताल टोहाना।
- मेहता आई अस्पताल टोहाना।
- लाइफ केयर अस्पताल फतेहाबाद।
- जैन चेरिटेबल अस्पताल टोहाना।
- सांई अस्पताल टोहाना
- कक्कड़ नर्सिंग होम, टोहाना।
- उम्मीद अस्पताल फतेहाबाद।
- खन्ना ईएनटी टोहाना।
- दीपांश भाटिया अस्पताल टोहाना।
- शालिनी सर्जिकल एवं मैटरनिटी अस्पताल
- गोयल नर्सिंग होम, रतिया
चिरायु योजना में शामिल पात्रों के उपचार से भी इन्कार
आयुष्मान भारत योजना में पहले वर्ष 2011 की जनगणना में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शामिल किया गया था। इसके बाद अब सरकार ने 1.80 लाख से कम आय वाले परिवारों को योजना में शामिल कर लिया और चिरायु योजना का नाम दे दिया। इसके अलावा 1.80 लाख से 3 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों को भी योजना में शामिल किया गया है। इनसे 1500 रुपये वार्षिक प्रीमियम लिया गया है। आईएमए का कहना है कि वह चिरायु योजना में शामिल पात्रों का भी उपचार नहीं करेंगे।
जिले में ये है आयुष्मान/चिरायु योजना की स्थिति
योजना में शामिल कुल पात्र - 6 लाख 89 हजार
कार्ड जारी हुए - 4 लाख 93 हजार
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आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पताल मरीज का उपचार करता है। लेकिन भुगतान कटौती करके किया जा रहा है और 6-6 माह बाद भुगतान हो रहा है। जबकि अनुबंध के अनुसार मरीज के डिस्चार्ज के 15 दिन बाद भुगतान होना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। आईएमए इसको लेकर कई बार मुद्दा उठा चुका है लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शनिवार से पैनल में शामिल निजी अस्पताल उपचार नहीं करेंगे। इसको लेकर अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया जा चुका है।
- डॉ. पवन मेहता, प्रधान, आईएमए
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आईएमए द्वारा मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है। इसके अलावा बताया गया है कि वह 16 मार्च से उपचार नहीं करेंगे। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उम्मीद है जल्द समाधान होगा।
- डॉ. लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन