नेशनल हाइवे पर रेलिंग के टेंडर अपलोड करने में ठेकेदारों द्वारा की गई गड़बड़ी, ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी में जुटा नगर परिषद प्रशासन
-नप प्रधान ने दिए कार्रवाई करने के निर्देश, ठेकेदारों ने नहीं दी अर्नस्ट मनी, नप प्रशासन को अब दोबारा जारी करना होगा टेंडर
अमित रुखाया
फतेहाबाद। नेशनल हाइवे पर रेलिंग के टेंडर अपलोड करने में कुछ ठेकेदारों द्वारा गड़बड़ी करने का मामला सामने आने के बाद नप प्रशासन ने ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ सख्त रवैया अपना लिया है। नगर परिषद प्रशासन अब ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी में है। इसके लिए औपचारिक प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो सकती है। शहर के अंदर विभिन्न सड़कों के बीचोंबीच बने फुटपाथ पर नगर परिषद प्रशासन लोहे की रेलिंग लगवाना चाहता है ताकि हादसों पर रोक लगाई जा सके। लेकिन कुछ ठेकेदारों द्वारा पूल बनाने की आशंका के चलते नप प्रशासन द्वारा अब एक बार फिर इसके लिए टेंडर जारी करना होगा।
पांच में से चार ठेकेदारों ने टेंडर के साथ नहीं लगाया अर्नस्ट मनी का ड्राफ्ट
इस बार फुटपाथ पर रेलिंग लगाने के लिए नगर परिषद द्वारा जारी टेंडर के माध्यम से पांच ठेकेदारों ने अपनी-अपनी कीमत का टेंडर ऑनलाइन अपलोड किया। तय समय पर जब नगर परिषद अधिकारियों ने जब ऑनलाइन टेंडर खोला तो पाया कि पांच में से चार ठेकेदारों द्वारा अर्नस्ट मनी का ड्राफ्ट ही जमा नहीं करवाया गया। जबकि ये अनिवार्य शर्त होती है। जिस पांचवे ठेकेदार ने अर्नस्ट मनी के साथ सही तरीके से अपना टेंडर जमा करवाया है। उसने पहली बार ही नगर परिषद के किसी काम के लिए टेंडर भरा था। ये आशंका जताई जा रही है कि नए ठेकेदार के आने से नगर परिषद के कई ठेकेदारों का पूल खराब हो रहा था, इसी के चलते चारों ठेकेदारों ने अर्नस्ट मनी के बिना ही टेंडर अपलोड कर दिया जो तकनीकी रूप से गलत था।
दोबारा जारी होगा टेंडर, अबकी बार एक आवेदन आने पर भी मिलेगा टेंडर
ठेकेदारों की कारस्तानी के चलते नगर परिषद प्रशासन को रेलिंग लगाने के लिए दोबारा टेंडर जारी करना होगा। नप प्रशासन को अब सिर्फ यही राहत होगी कि अगर इस टेंडर प्रक्रिया में महज एक ही आवेदन आता है तो नप प्रशासन उस इकलौते ठेकेदार को ही काम अलाट कर सकेगी। नियमानुसार एक बार टेंडर रद्द होने के बाद अगली बार दोबारा टेंडर लगाए जाने पर इकलौता आवेदन आने पर न्यूनतम ठेकेदारों की शर्त अनिवार्य नहीं रहती।
नगर परिषद के ही एक अधिकारी पर ठेकेदारों के साथ मिलीभगत का संदेह
रेलिंग टेंडर में ठेकेदारों द्वारा अर्नस्ट मनी ड्राफ्ट जमा ना करवाने के मामले में नप प्रशासन का संदेह नगर परिषद के ही एक अधिकारी पर जा रहा है। ये आशंका जताई जा रही है कि उक्त अधिकारी द्वारा ही ठेकेदारों को इस बार टेंडर से बचने के लिए अर्नस्ट मनी ड्राफ्ट जमा ना करवाने की सलाह दी गई जिसके चलते नप प्रशासन को अब सारी प्रक्रिया ही दोबारा शुरू करनी पड़ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नप प्रधान दर्शन नागपाल इस मामले में गड़बड़ करने वाले अधिकारी की शिकायत उच्चाधिकारियों व मंत्री कविता जैन को करने की तैयारी कर चुके हैं। अमित शाह की रैली के बाद इस मुद्दे को कविता जैन के सामने रखे जाने की संभावना है।
‘रैलिंग के लिए लगाए गए टेंडर में चार ठेकेदारों द्वारा अर्नस्ट मनी का ड्राफ्ट जमा नहीं करवाया गया है। जिसके कारण दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी। ऐसा प्रतीत होता है कि इन ठेकेदारों द्वारा जानबूझ कर ऐसा किया गया है, इसके लिए इन्हें ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।’
-दर्शन नागपाल, अध्यक्ष, नगर परिषद, फतेहाबाद।