अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
हरियाणा सामाजिक चिकित्सक महासंघ के जिला प्रधान डॉ. रणजीत के नेतृत्व में महासंघ के पदाधिकारी व सदस्य चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल से मिले। दुग्गल से महासंघ के सदस्यों को आश्वासन दिया कि उन्हें नाजायज तंग नहीं किया जाएगा तथा इस संबंध में वो मुख्यमंत्री से मिलकर उनकी बात को उनके समक्ष रखेंगी। दुग्गल को सौंपे गए ज्ञापन में महासंघ के सदस्यों ने बताया कि आरएमपी को नाजायज तंग किया जा रहा है तथा उनकी धरपकड़ की जा रही है।
ज्ञापन में बताया गया है कि आरएमपी गांवों, कस्बों व बस्तियों में बहुत ही कम फीस में लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाऐं उपलब्ध करवाते हैं। यहां तक कि जरुरत पडने पर लोगों के घरों में जाकर भी अस्वस्थ को प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाते हैं ताकि अगर बीमारी ज्यादा है तो प्राथमिक उपचार मिलने के बाद अस्वस्थ व्यक्ति शहर में जाकर अपना उपचार करवा सके।
ज्ञापन में ये भी कहा गया कि एक तरफ तो सरकार व रेडक्रॉस द्वारा प्राथमिक मेडिकल सहायता के लिए शिविर लगाकर लोगों को प्रशिक्षित किया जाता है जबकि यही काम अगर आरएमपी करते हैं तो उन पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है। गांवों, कस्बों व बस्तियों पर सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाऐं पूर्ण रुप से मुहैया नहीं है तथा आरएमपी अपनी सेवाऐं देकर स्वास्थ्य विभाग के लिए सहायक का काम करते हैं। ज्ञापन में महासंघ के सदस्यों ने बताया कि प्रदेश में एक लाख के करीब आरएमपी अनुभव के आधार पर ही काम कर रहे हैं। आज तक इनके प्रति किसी भी प्रकार की कोई भी लापरवाही की शिकायत नहीं आई लेकिन इसके बावजूद भी इनके खिलाफ कार्रवाई करके इनको नाजायज तंग किया जा रहा है। जिस कारण इनसे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाऐं लेने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि इस तरह से आरएमपी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई बंद की जाए तथा जिन आरएमपी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं उनको भी निरस्त किया जाए। ज्ञापन देने वालों में हरियाणा सामाजिक चिकित्सक महासंघ के जिला प्रधान डॉ. रणजीत के साथ महाबीर सैनी, विनोद कुमार, कृष्णलाल, राजपाल, सुनील कुमार सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।