हड़ताल : दूसरे दिन भी कामकाज पर नहीं पड़ा कोई असर, रोडवेज के 64 कर्मचारी लौटे काम पर
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर विभिन्न कर्मचारियों संगठनों द्वारा बुलाई गई दो दिवसीय हड़ताल दूसरे दिन भी बेअसर रही। जहां हड़ताल के पहले दिन रोडवेज के 141 कर्मचारी हड़ताल पर थे, वहीं दूसरे दिन उनमें से 64 कर्मचारियों के ड्यूटी पर लौटने के बाद बुधवार को रोडवेज की बसें सामान्य की तरह चलने से लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आई। हड़ताल के दौरान बिजली कर्मचारियों तथा नगर परिषद के कर्मचारियों का सबसे अधिक योगदान रहा। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से शहर में किसी भी डंपिंग प्वाइंट से कचरा नहीं उठाए जाने के कारण सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी नजर आई। उधर शहर के भट्टू रोड पर विद्युत निगम में एकत्रित हुए सभी विभागों के कर्मचारियों ने बस स्टैंड होते हुए नारेबाजी करते लघु सचिवालय पहुंचे तथा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डीआरओ बालकृष्ण को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
रोडवेज यूनियन के केवल पदाधिकारी ही रहे हड़ताल पर
हड़ताल के पहले जहां रोडवेज के 141 कर्मचारी हड़ताल पर थे, वहीं दूसरे दिन बुधवार को 64 कर्मचारियों के ड्यूटी पर लौटने से रोडवेज की बसें पहले दिन से अधिक चली जिससे आमजन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। हड़ताल के दूसरे दिन रोडवेज के केवल 77 कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे इनमें से अधिकतर कर्मचारी विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी हैं।
सफाई कर्मियों की हड़ताल से शहर में फैली गंदगी
हड़ताल के दोनों ही दिन नगर परिषद के सभी सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई नजर आई। दोनों ही दिन किसी भी डंपिंग प्वाइंट से कचरा नहीं उठाए जाने के कारण सभी डंपिंग प्वाइंटों पर कचरे के ढेर लगे नजर आए। वहीं हड़ताल के पहले दिन नगर परिषद की तरफ से ठेके पर लिए गए कर्मचारियों से कचरा उठवाने के प्रयास किए गए लेकिन कर्मचारियों के विरोध के कारण सफाई नहीं हो पाई।
हड़ताल बेअसर रहने के कारण
1. कर्मचारियों का कहना था कि यह हड़ताल उनके विभाग की ना होकर राष्ट्रव्यापी थी इसलिए उनकी रुचि नहीं थी
2. नए कर्मचारियों को नौकरी का डर था इसलिए वे हड़ताल में शामिल नहीं हुए
3. कई रोडवेज कर्मचारियों पर पिछली हड़ताल के दौरान एस्मा एक्ट के तहत केस दर्ज होने से इस बार उनमें भय था
4. पिछली हड़ताल को अभी दो महीने ही हुए थे और फिर हड़ताल हो गई इसलिए कर्मचारियों की रुचि कम थी।
5. पिछली हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की सैलरी कटने के कारण भी इस बार अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर नहीं रहे
6. राज्य रोडवेज ने हड़ताल के दो दिन ओवरटाइम देने के फैसले के बाद भी अधिकतर कर्मचारियों ने हड़ताल नहीं की
रोडवेज कर्मचारियों को जारी होंगे नोटिस: सुभाष मोंगा
हड़ताल पर गए रोडवेज कर्मचारियों को विभाग ने नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। रोडवेज टीएम सुभाष मोंगा ने बताया कि हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों के विभाग के आदेशों के अनुसार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जांएगे। उन्होंनेे बताया कि हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट बनाकर राज्य परिवहन को भी भेजी जाएगी तथा हड़ताल पर गए कर्मचारियों की सैलरी भी काटी जाएगी।
कर्मचारियों ने शहर में की नारेबाजी, सौंपा ज्ञापन
दो दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिन बुधवार को सभी विभागों के कर्मचारी शहर के भट्टूु रोड स्थित विद्युत निगम में एकत्रित हुए और वहां से अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए शहर के बस स्टैंड, लालबत्ती चौक होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। लघु सचिवालय के बाहर मौजूद पुलिस बल ने कर्मचारियों को अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने लघु सचिवालय के गेट के बाहर ही अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता भूपसिंह भड़ोलांवाली ने कहा कि सरकार कर्मचारियों पर दमनकारी नीति अपना रही है जिस कारण कर्मचारियों में भय का माहौल है। वहीं कामरेड नेता रमेश जांडली ने कहा कि कर्मचारी पूरी तरह से एकजुट हैं तथा सरकार की दमनकारी नीति से डरने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार हड़ताल के दौरान रोडवेज के नए भर्ती हुए कर्मचारियों को नौकरी से हटाने तथा पुराने कर्मचारियों को एस्मा का डर दिखाकर हड़ताल को कमजोर करने का काम किया है। इसके बाद कर्मचारियों को ज्ञापन लेने पहुंचे डीआरओ बालकृष्ण को कर्मचारियों ने अपनी मांगों से अवगत करवाया तथा उन्हें ज्ञापन सौंपा।