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तीन दकिन की बरसात से घग्गर नदी में बढ़ा जलस्तर, तीसरे दिन भी जलस्तर में इजाफा

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद/रतिया। जिले के रतिया और जाखल से गुजर रही घग्गर नदी में बुधवार को जलस्तर लगातार तीसरे दिन भी बढ़ता रहा। बुधवार को चंादपुरा साइफन का जलस्तर 10 हजार 900 क्यूसिक दर्ज किया गया। जबकि गुहला चीका में जलस्तर 43 हजार 566 तथा खनौरी में 12 हजार क्यूसिक रिकार्ड किया गया। नदी का पानी बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। बुधवार सुबह ही लोग चांदपुरा साइफन व रतिया के घग्गर पुल पर पानी का बहाव देखने के लिए एकत्रित होना शुरू हो गए। सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि अभी चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि चांदपुरा में 21 हजार क्यूसिक पानी आने के बाद ही बाढ़ के खतरे की आशंका होगी।
फतेहाबाद जिले से गुजरने वाली घग्गर नदी में पिछले 3 दिनों से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण घग्गर के पुलों पर जाकर जलस्तर पर नजर गड़ाकर बैठे रहे। रतिया में घग्गर पुल पर पहुंचे किसानों बलविन्द्र सिंह, सुखदीप सिंह, जसप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, अशोक कटारिया, रणदीप सिंह आदि ने बताया कि नदी में पानी बढ़ता ही जा रहा है, जो कि खतरे की निशानी है और अगर जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो क्षेत्र में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई की बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन पुख्ता इतंजाम करे। उधर, प्रशासन की ओर से बुधवार को नायब तहसीलदार गोपी चंद भी घग्गर नदी का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि रतिया में घग्गर के पुल पर 20 फुट का गेज निशान लगा हुआ है और 17 फुट के लगभग जलस्तर आने पर रतिया में घग्गर का पानी बाहर निकलने की आशंका बनी रहती है, लेकिन अभी तक घग्गर का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और प्रशासन घग्गर के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है। रिंग बांध भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जबकि जलस्तर बढने से प्रगतिशील किसानों में रबी की फसल को लेकर खुशी का माहौल है। किसानों का मानना है कि ये पानी आगामी रबी की फसल की बिजाई के लिए फायदेमंद साबित होगा। उधर घग्गर नदी में जलस्तर बढने के बावजूद जिला प्रशासन अभी भी निश्चिंत नजर आ रहा है। हालांकि इससे पूर्व घग्गर नदी में इस मौसम में अक्सर ठीकरी पहरे लगाए जाते थे। जिससे जाखल, टोहाना, गुहला-चीका, खन्नौरी में कंट्रोल रूम स्थापित कर 24 घंटे की पल-पल की रिपोर्ट जिला प्रशासन लेता रहा है। इस बार यहां पर अभी तक कंट्रोल रूम स्थापित नहीं किया गया है और ना ही कोई दिशा-निर्देश किसानों के लिए जारी किए गए हैं। सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार हिमाचल में हो रही बरसात के बाद अभी घग्गर नदी में पानी में और बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है। जिसमें जाखल से सटे एरिया में रिंगबांध कमजोर होने से तटवर्ती किनारा टूटने की स्थिति में छोटे-छोटे गांव बाढ़ से घिर सकते हैं। तटवर्ती क्षेत्रों में जाखल-टोहाना एवं रतिया के तकरीबन 60 गांव बसे हुए हैं जो प्रशासन की नजर में संवेदनशील हैं।
तीन दिनों में घग्गर में जलस्तर का रिकार्ड
साइफन सोमवार मंगलवार बुधवार
गुहला चीका 31668 35023 43566
खनौरी 6200 10550 12000
चांदपुरा 5070 10500 10900
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